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बाढ़ आपदा के समय स्वयं लड़ाई लड़ेगी ग्रामीण सेना
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बलरामपुर। बाढ़ आपदा से अब ग्रामीण सेना स्वयं लड़ेगी। बाढ़ आपदा प्रबंधन को एनडीआरएफ, जिला आपदा प्रबंधन व अन्य हितधारक मजबूत बनाएंगे। तीनों के संयुक्त तत्वाधान में राप्ती नदी कोड़री घाट पर बीते दिन मॉकड्रिल करके ग्रामीणों को जानकारी दी गई।
बाढ़ से बचाव में प्रभावित ग्रामीणों को सेना के रूप में कार्य करने के लिए सुझाव दिया गया। घरेलू संसाधनों से बनावटी राफ्ट का इस्तेमाल किया गया। बाढ़ के दौरान सुरक्षित रहने के लिए खाली बोतल, मटका, बंबू, थर्माकोल व थाली कैंप से राफ्ट बनाने का तरीका बताया गया।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के प्रभारी कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा ने सदर तहसील के कोड़री घाट के पास बाढ़ की तैयारी को लेकर राप्ती नदी के तट पर मॉकड्रिल कराया।
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मॉकड्रिल में ईओसी की तरफ से यह सूचना दी गई मित्र राष्ट्र नेपाल के ऊपरी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण राप्ती नदी व उसकी सहायक नालों के जलस्तर में अचानक उफान आ गया है जिसके कारण आसपास के गांव जलमग्न हो गए हैं। यातायात के सारे साधन बाधित हो गए है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
उप कमांडेंट पीएल शर्मा के मार्गदर्शन व निरीक्षक डीपी चंद्रा के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम बचावकर्ताओं को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना हो गई। पुलिस प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडॉर बनाया जिससे उत्तरदायी टीम व एंबुलेंस सेवा घटना स्थल पर शीघ्र पहुंच सके।
ऑपरेशन में बाढ़ से बेहाल तबाह गांव जहां जलमग्न घरों में भूखे-प्यासे लोग बच्चे, महिलाएं मदद के लिए पुकार रहे थे उनको सुरक्षित बाहर निकाला गया। तभी यात्रियों से भरी नाव राप्ती नदी में पलट गई।
एनडीआरएफ की टीम अपने मोटर बोट के साथ डूबते लोगों के पास पहुुंचकर बचाया। घायल व्यक्तियों को अस्पताल भेजा गया। अंत में एक व्यक्ति के लापता होने की खबर मिली।
एनडीआरएफ के कुशल गोताखोरों ने पानी के अंदर सर्च कर उसे बाहर निकालकर नजदीक केे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन और लोगों के तालमेल को बेहतर बनाना है।
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बाढ़ से बचाव में प्रभावित ग्रामीणों को सेना के रूप में कार्य करने के लिए सुझाव दिया गया। घरेलू संसाधनों से बनावटी राफ्ट का इस्तेमाल किया गया। बाढ़ के दौरान सुरक्षित रहने के लिए खाली बोतल, मटका, बंबू, थर्माकोल व थाली कैंप से राफ्ट बनाने का तरीका बताया गया।
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उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के प्रभारी कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा ने सदर तहसील के कोड़री घाट के पास बाढ़ की तैयारी को लेकर राप्ती नदी के तट पर मॉकड्रिल कराया।
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मॉकड्रिल में ईओसी की तरफ से यह सूचना दी गई मित्र राष्ट्र नेपाल के ऊपरी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण राप्ती नदी व उसकी सहायक नालों के जलस्तर में अचानक उफान आ गया है जिसके कारण आसपास के गांव जलमग्न हो गए हैं। यातायात के सारे साधन बाधित हो गए है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
उप कमांडेंट पीएल शर्मा के मार्गदर्शन व निरीक्षक डीपी चंद्रा के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम बचावकर्ताओं को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना हो गई। पुलिस प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडॉर बनाया जिससे उत्तरदायी टीम व एंबुलेंस सेवा घटना स्थल पर शीघ्र पहुंच सके।
ऑपरेशन में बाढ़ से बेहाल तबाह गांव जहां जलमग्न घरों में भूखे-प्यासे लोग बच्चे, महिलाएं मदद के लिए पुकार रहे थे उनको सुरक्षित बाहर निकाला गया। तभी यात्रियों से भरी नाव राप्ती नदी में पलट गई।
एनडीआरएफ की टीम अपने मोटर बोट के साथ डूबते लोगों के पास पहुुंचकर बचाया। घायल व्यक्तियों को अस्पताल भेजा गया। अंत में एक व्यक्ति के लापता होने की खबर मिली।
एनडीआरएफ के कुशल गोताखोरों ने पानी के अंदर सर्च कर उसे बाहर निकालकर नजदीक केे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन और लोगों के तालमेल को बेहतर बनाना है।