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कटानरोधी कार्य में हीलाहवाली पर होगी कार्रवाई
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बलरामपुर। कटानरोधी कार्य में हीलाहवाली पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। डीएम श्रुति के निर्देश पर बाढ़ खंड के अधिकारी कटानरोधी कार्य कराने में जुटे हुए है। राप्ती नदी के कई स्थानों पर बाढ़ खंड के अधिकारी कटानरोधी कार्य करा रहे हैं।
डीएम ने शनिवार को बताया कि राप्ती नदी के दाएं तट पर स्थित बलरामपुर-भड़रिया तटबंध के 30.7 किलोमीटर से 31 किलोमीटर पर स्थित एलनपुर के निकट कटान को नियंत्रित करने के लिए बालू की बोरियां लगाई जा रही है। बंबू क्रेट व नॉयलान विधि से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है। राप्ती नदी के दाएं तट पर स्थित बलरामपुर-भड़रिया तटबंध को 22.6 किलोमीटर के निकट कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारी कटानरोधी कार्य करा रहे है।
इसी तरह से बाढ़ खंड के अधिकारी राप्ती नदी के दाएं तट पर स्थित ग्राम बौड़िहार में भी आबादी को बचाने के लिए कटान निरोधक कार्य करा रहे है। बौड़िहार गांव में राप्ती नदी से महज चंद मीटर की दूरी पर स्थित है। सदर तहसील में ग्राम कल्यानपुर के दाएं तट पर राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है। सामने स्थित गांव गोसाईपुरवा व झौहना में भी राप्ती नदी के कटान का कहर जारी है। ढोढ़री गांव के पास भी राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है। करमहना भोजपुर तटबंध के पास भी राप्ती का कटान नहीं थम रहा है। उतरौला तहसील में परसौना गांव के पास भी राप्ती नदी के कटान का कहर जारी है। सदर व उतरौला तहसील के 36 से अधिक स्थानों पर राप्ती नदी कटान कर रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि राप्ती नदी में कटान तेज हो गई है जिससे उनकी बेशकीमती जमीने राप्ती नदी में समाहित हो रही है। यदि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस उपाय नहीं किए गए तो कई गांव के ग्रामीणों को अपना आशियाना भी उजाड़ना पड़ सकता है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि कटान वाले क्षेत्रों में बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटानरोधी कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। कटान क्षेत्रों में राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों से निगरानी कराई जा रही है। तीनों तहसीलों के एसडीएम भी निरीक्षण कर कटान का जायजा ले रहे हैं।
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डीएम ने शनिवार को बताया कि राप्ती नदी के दाएं तट पर स्थित बलरामपुर-भड़रिया तटबंध के 30.7 किलोमीटर से 31 किलोमीटर पर स्थित एलनपुर के निकट कटान को नियंत्रित करने के लिए बालू की बोरियां लगाई जा रही है। बंबू क्रेट व नॉयलान विधि से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है। राप्ती नदी के दाएं तट पर स्थित बलरामपुर-भड़रिया तटबंध को 22.6 किलोमीटर के निकट कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारी कटानरोधी कार्य करा रहे है।
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इसी तरह से बाढ़ खंड के अधिकारी राप्ती नदी के दाएं तट पर स्थित ग्राम बौड़िहार में भी आबादी को बचाने के लिए कटान निरोधक कार्य करा रहे है। बौड़िहार गांव में राप्ती नदी से महज चंद मीटर की दूरी पर स्थित है। सदर तहसील में ग्राम कल्यानपुर के दाएं तट पर राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है। सामने स्थित गांव गोसाईपुरवा व झौहना में भी राप्ती नदी के कटान का कहर जारी है। ढोढ़री गांव के पास भी राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है। करमहना भोजपुर तटबंध के पास भी राप्ती का कटान नहीं थम रहा है। उतरौला तहसील में परसौना गांव के पास भी राप्ती नदी के कटान का कहर जारी है। सदर व उतरौला तहसील के 36 से अधिक स्थानों पर राप्ती नदी कटान कर रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि राप्ती नदी में कटान तेज हो गई है जिससे उनकी बेशकीमती जमीने राप्ती नदी में समाहित हो रही है। यदि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस उपाय नहीं किए गए तो कई गांव के ग्रामीणों को अपना आशियाना भी उजाड़ना पड़ सकता है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि कटान वाले क्षेत्रों में बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटानरोधी कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। कटान क्षेत्रों में राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों से निगरानी कराई जा रही है। तीनों तहसीलों के एसडीएम भी निरीक्षण कर कटान का जायजा ले रहे हैं।