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दो लाख गन्ना किसानों को खतौनी देने से मिली राहत
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बलरामपुर। जिले के करीब दो लाख गन्ना किसानों को खतौनी देने से राहत मिल गई है। घोषणा पत्र भरने की प्रक्रिया सरल होने से किसानों को आसानी होगी। जिले के चारों चीनी मिलों के किसानों से ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने की अपील की गई है। ऑनलाइन घोषणा पत्र भरते समय साइट पर संशोधन का विकल्प दिया गया है। साइट पर खतौनी अपलोड करने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।
जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा ने शुक्रवार को बताया कि गन्ने के आगामी पेराई सत्र की तैयारी जोरशोर से की जा रही है। चीनी मिलों में मरम्मत का कार्य चल रहा है। बलरामपुर चीनी मिल के 90 हजार, शुगर कंपनी तुलसीपुर के 55 हजार, बजाज चीनी मिल इटईमैदा के 35 हजार व मनकापुर चीनी मिल के करीब 10 हजार किसानों को शासन ने घोषणा पत्र भरने में जमीन की खतौनी का प्रयोग करने से राहत दे दी है।
गन्ना विभाग व मिलों की तरफ से सर्वे का प्रदर्शन संयुक्त रुप से किया जा रहा है। जिन गांवों का प्रदर्शन पूरा हो गया है उन गांवों के गन्ना किसानों को प्री-कलेंडर निर्गत कर बांटा जा रहा है। अभी तक घोषणा पत्र भरने में खतौनी लगाई जा रही थी जिसके चलते किसानों को काफी परेशानी हो रही थी।
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शासन के निर्देशानुसार अब किसानों को घोषणा पत्र के साथ खतौनी नहीं देनी पड़ेगी। घोषणा पत्र भरने में साइट पर सरल शब्दों को रखा गया है। कठिन शब्दों को हटा दिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से अपील किया है कि प्री-कलेंडर का विधिवत अवलोकन कर लें और अपने सर्किल इंचार्ज को प्रार्थना पत्र देकर त्रुटियां संशोधित करा लें जिससे गन्ने की सप्लाई के दौरान कोई दिक्कत न हो।
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जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा ने शुक्रवार को बताया कि गन्ने के आगामी पेराई सत्र की तैयारी जोरशोर से की जा रही है। चीनी मिलों में मरम्मत का कार्य चल रहा है। बलरामपुर चीनी मिल के 90 हजार, शुगर कंपनी तुलसीपुर के 55 हजार, बजाज चीनी मिल इटईमैदा के 35 हजार व मनकापुर चीनी मिल के करीब 10 हजार किसानों को शासन ने घोषणा पत्र भरने में जमीन की खतौनी का प्रयोग करने से राहत दे दी है।
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गन्ना विभाग व मिलों की तरफ से सर्वे का प्रदर्शन संयुक्त रुप से किया जा रहा है। जिन गांवों का प्रदर्शन पूरा हो गया है उन गांवों के गन्ना किसानों को प्री-कलेंडर निर्गत कर बांटा जा रहा है। अभी तक घोषणा पत्र भरने में खतौनी लगाई जा रही थी जिसके चलते किसानों को काफी परेशानी हो रही थी।
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शासन के निर्देशानुसार अब किसानों को घोषणा पत्र के साथ खतौनी नहीं देनी पड़ेगी। घोषणा पत्र भरने में साइट पर सरल शब्दों को रखा गया है। कठिन शब्दों को हटा दिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से अपील किया है कि प्री-कलेंडर का विधिवत अवलोकन कर लें और अपने सर्किल इंचार्ज को प्रार्थना पत्र देकर त्रुटियां संशोधित करा लें जिससे गन्ने की सप्लाई के दौरान कोई दिक्कत न हो।