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Balrampur News: टेंगनहिया गांव के करीब पहुंची राप्ती, जद में 35 घर
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बलरामपुर के टेंगनहिया गांव के पास कटान करती राप्ती नदी ।-संवाद
बलरामपुर। राप्ती नदी की कटान से सदर तहसील के टेंगनहिया गांव के लोग सहमे हुए हैं। गांव से सिर्फ दो मीटर दूर राप्ती नदी बह रही है। खेतों को काटने के बाद नदी ने अब घरों की तरफ रुख कर लिया है। गांव के 35 घरों पर कटान का संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव के पास कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है।
सदर तहसील के ग्राम टेंगनहिया निवासी मोबीन ने बताया कि इस वर्ष उनका पांच बीघा धान व दो बीघा गन्ना राप्ती नदी की भेंट चढ़ चुका है। पदुमनाथ, घुरहू, करिया, कासिम, नसरुल्ला व मुनव्वर के धान व गन्ने के खेत राप्ती की कटान में समा रहे हैं। इन लोगों का आरोप है कि लेखपाल ने कटान पीड़ितों की सूची तो तैयार की लेकिन, अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। खेत कटने के बाद अब घरों की बारी है, यदि कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो गांव की 300 आबादी बेघर हो जाएगी। खेत कटने से गांव के लोग मजदूरी करने को मजबूर हैं। कटान के चलते गांव में बनी मस्जिद नदी के किनारे पहुंच चुकी है। यदि जल्द ही कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो मस्जिद कभी भी कटकर नदी में समाहित हो सकती है।
कई बार की गई मांग, नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग से गांव के पास कटानरोधी कार्य कराने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। बरसात से पहले थोड़ा कार्य कराया गया था, जो बाढ़ आने पर बह गया है। यदि गांव के पास परियोजना बनाकर कटानरोधी कार्य कराया जाए तो लोगों को कटान से राहत मिल सकती है।
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कटानरोधी कार्य कराने की हो रही तैयारी
टेंगनहिया गांव के पास स्थायी रूप से कटानरोधी कार्य कराने की तैयारी की जा रही है। इस बार मजबूती से कार्य कराया जाएगा, जिससे गांव के लोगों को स्थायी तौर पर कटान से राहत मिल सके।
- भरतराम, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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सदर तहसील के ग्राम टेंगनहिया निवासी मोबीन ने बताया कि इस वर्ष उनका पांच बीघा धान व दो बीघा गन्ना राप्ती नदी की भेंट चढ़ चुका है। पदुमनाथ, घुरहू, करिया, कासिम, नसरुल्ला व मुनव्वर के धान व गन्ने के खेत राप्ती की कटान में समा रहे हैं। इन लोगों का आरोप है कि लेखपाल ने कटान पीड़ितों की सूची तो तैयार की लेकिन, अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। खेत कटने के बाद अब घरों की बारी है, यदि कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो गांव की 300 आबादी बेघर हो जाएगी। खेत कटने से गांव के लोग मजदूरी करने को मजबूर हैं। कटान के चलते गांव में बनी मस्जिद नदी के किनारे पहुंच चुकी है। यदि जल्द ही कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो मस्जिद कभी भी कटकर नदी में समाहित हो सकती है।
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कई बार की गई मांग, नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग से गांव के पास कटानरोधी कार्य कराने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। बरसात से पहले थोड़ा कार्य कराया गया था, जो बाढ़ आने पर बह गया है। यदि गांव के पास परियोजना बनाकर कटानरोधी कार्य कराया जाए तो लोगों को कटान से राहत मिल सकती है।
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कटानरोधी कार्य कराने की हो रही तैयारी
टेंगनहिया गांव के पास स्थायी रूप से कटानरोधी कार्य कराने की तैयारी की जा रही है। इस बार मजबूती से कार्य कराया जाएगा, जिससे गांव के लोगों को स्थायी तौर पर कटान से राहत मिल सके।
- भरतराम, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड