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Balrampur News: राप्ती घटी लेकिन बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ीं
Thu, 11 Jul 2024 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 11 Jul 2024 11:44 PM IST
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बलरामपुर। राप्ती खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर नीचे आ गई है लेकिन इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। श्याम विहार कालोनी व खमहवा में अभी भी नाव के सहारे लोग आ-जा रहे हैं। प्रशासन की टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमों को लगाया है। वहीं, तटबंध की मरम्मत बढ़ा दी गई है।
गौरा चौराहा क्षेत्र के थरूनिया गांव पानी से घिरा हुआ है। ग्रामीण नाव से दवाई सब्जी आदि लेकर आ जा रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, श्याम विहार कॉलोनी में अब भी पानी भरा है। गली और सड़कें तालाब बन चुकी है। दूरदराज से बहकर आया जलकुंभी अब मुसीबत बन गया है। एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमें लगाई गई हैं।
वहीं, भ्यूरी गांव व लखमा गांव के कटे तटबंध की मरम्मत करा दी गई है। बाढ़ खंड बलरामपुर के अधिशासी अभियंता जेके लाल ने बताया कि भ्यूरी गांव में जिस तटबंध को ग्रामीणों ने काट दिया था वहां पर युद्ध स्तर पर काम कराया गया है। बताया कि वह खुद 24 घंटे वहां पर कैंप कर रहे हैं। अभी भी गंडक मंडल बस्ती के अधीक्षण अभियंता सुरेन्द्र वर्मा मौके पर मौजूद हैं। बांध को पूरी तरह से सुरक्षित करा दिया गया है। अब कोई खतरा नहीं है।
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महदेईया बाजार। बजाज पॉवर प्लांट इटईमैदा के पास मार्ग पर पानी भरा हुआ है। यह मार्ग उतरौला-बलरामपुर वाया गालिबपुर को जोड़ता है। ग्राम पंचायत लखमा में टूटे तटबंध को सही कर दिया गया है। सुआंव का पानी गुमड़ी-श्रीदत्तगंज मार्ग पर ग्राम जिगना के पास लगभग 200 मीटर में भरा हुआ है। महाराजगंज तराई में बरगदही गांव के जाने वाले रास्ते व स्कूल में अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
चित्तौड़गढ़ बांध परियोजना से बने जरवा क्षेत्र के भगवानपुर बांध पर भगवानपुर, दत्तापुर, पिपरी, लौकी खुर्द, मदरहवा, नगई में रेन कट होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण सलमान खान, रियाज, नाजिम, आदिल, मोहम्मद ने बताया कि बांध पर मुख्य बैराज तथा भगवानपुर के मुख्य नहर दोनों के किनारे तटों पर बड़े-बड़े चूहे दौड़ते नजर आ रहे हैं। उनके द्वारा बिल बनाने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जेई संतोष कुमार ने बताया कि बांध की निगरानी रखी जा रही है। छोटे-बड़े गड्ढे भरवाए जा रहे हैं।
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गौरा चौराहा क्षेत्र के थरूनिया गांव पानी से घिरा हुआ है। ग्रामीण नाव से दवाई सब्जी आदि लेकर आ जा रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, श्याम विहार कॉलोनी में अब भी पानी भरा है। गली और सड़कें तालाब बन चुकी है। दूरदराज से बहकर आया जलकुंभी अब मुसीबत बन गया है। एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमें लगाई गई हैं।
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वहीं, भ्यूरी गांव व लखमा गांव के कटे तटबंध की मरम्मत करा दी गई है। बाढ़ खंड बलरामपुर के अधिशासी अभियंता जेके लाल ने बताया कि भ्यूरी गांव में जिस तटबंध को ग्रामीणों ने काट दिया था वहां पर युद्ध स्तर पर काम कराया गया है। बताया कि वह खुद 24 घंटे वहां पर कैंप कर रहे हैं। अभी भी गंडक मंडल बस्ती के अधीक्षण अभियंता सुरेन्द्र वर्मा मौके पर मौजूद हैं। बांध को पूरी तरह से सुरक्षित करा दिया गया है। अब कोई खतरा नहीं है।
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महदेईया बाजार। बजाज पॉवर प्लांट इटईमैदा के पास मार्ग पर पानी भरा हुआ है। यह मार्ग उतरौला-बलरामपुर वाया गालिबपुर को जोड़ता है। ग्राम पंचायत लखमा में टूटे तटबंध को सही कर दिया गया है। सुआंव का पानी गुमड़ी-श्रीदत्तगंज मार्ग पर ग्राम जिगना के पास लगभग 200 मीटर में भरा हुआ है। महाराजगंज तराई में बरगदही गांव के जाने वाले रास्ते व स्कूल में अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
चित्तौड़गढ़ बांध परियोजना से बने जरवा क्षेत्र के भगवानपुर बांध पर भगवानपुर, दत्तापुर, पिपरी, लौकी खुर्द, मदरहवा, नगई में रेन कट होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण सलमान खान, रियाज, नाजिम, आदिल, मोहम्मद ने बताया कि बांध पर मुख्य बैराज तथा भगवानपुर के मुख्य नहर दोनों के किनारे तटों पर बड़े-बड़े चूहे दौड़ते नजर आ रहे हैं। उनके द्वारा बिल बनाने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जेई संतोष कुमार ने बताया कि बांध की निगरानी रखी जा रही है। छोटे-बड़े गड्ढे भरवाए जा रहे हैं।