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Balrampur News: पोर्टल ठप, कैसे होगा गरीबों का मुफ्त इलाज
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बलरामपुर। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का सत्यापन करने वाला पोर्टल करीब एक माह से नहीं चल रहा है। ऐसे में मरीजों को मुफ्त उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। निजी अस्पताल पोर्टल नहीं चलने की बात कहकर मरीजों को लौटा देते हैं। इससे लाभार्थियों को पैसा खर्च करके उपचार कराना पड़ रहा है। पोर्टल ठप होने से सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
आयुष्मान योजना के लाभार्थी पचपेड़वा निवासी राजेश कुमार पथरी का ऑपरेशन कराने एक निजी अस्पताल गए। जहां कर्मचारियों ने पोर्टल नहीं चलने की बात कहकर मुफ्त उपचार करने से इंकार कर दिया। राजेश ने बताया कि पिता रामरूप का मुफ्त इलाज हुआ था, मगर अब ऑपरेशन के लिए 25 हजार रुपये मांगे गए हैं। इस वजह से ऑपरशेन नहीं कराया।
शहर के धुसाह की रहने वाली लक्ष्मी देवी बाइक से गिरकर घायल हो गईं। उनका दाहिना पैर टूट गया मगर हड्डी वाले अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना से ऑपरेशन नहीं किया। लक्ष्मी ने बताया कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए 32 हजार रुपये खर्च बताया गया है। अब बस्ती में ऑपरेशन कराऊंगी।
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उतरौला निवासी आशिक अली ने बताया कि पिता परवेज को दो दिन से पेशाब करने में दिक्कत हो रही थी। पूर्व में आयुष्मान भारत योजना के तहत लखनऊ में उनका इलाज कराया था। मगर उतरौला के एक अस्पताल में डॉक्टर ने पोर्टल नहीं चलने की बात कहकर मुफ्त दवा नहीं दी। इलाज में आठ हजार रुपये खर्च हो गए।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 1,64,648 परिवार पंजीकृत हैं। इन परिवारों के 7,30,824 सदस्य योजना के तहत मुफ्त इलाज कराने के लिए पात्र हैं। मगर 30 नवंबर 2022 तक जिले में सिर्फ 11,823 पात्रों का ही मुफ्त इलाज हुआ है। इस पर नौ करोड़ नौ लाख रुपये का भुगतान संबंधित अस्पतालों को किया गया है।
एसीएमओ व आयुष्मान भारत योजना के नोडल डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के पोर्टल में तकनीकी खराबी से दिक्कत हो रही है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। योजना में पंजीकृत पात्रों का मुफ्त इलाज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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आयुष्मान योजना के लाभार्थी पचपेड़वा निवासी राजेश कुमार पथरी का ऑपरेशन कराने एक निजी अस्पताल गए। जहां कर्मचारियों ने पोर्टल नहीं चलने की बात कहकर मुफ्त उपचार करने से इंकार कर दिया। राजेश ने बताया कि पिता रामरूप का मुफ्त इलाज हुआ था, मगर अब ऑपरेशन के लिए 25 हजार रुपये मांगे गए हैं। इस वजह से ऑपरशेन नहीं कराया।
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शहर के धुसाह की रहने वाली लक्ष्मी देवी बाइक से गिरकर घायल हो गईं। उनका दाहिना पैर टूट गया मगर हड्डी वाले अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना से ऑपरेशन नहीं किया। लक्ष्मी ने बताया कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए 32 हजार रुपये खर्च बताया गया है। अब बस्ती में ऑपरेशन कराऊंगी।
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उतरौला निवासी आशिक अली ने बताया कि पिता परवेज को दो दिन से पेशाब करने में दिक्कत हो रही थी। पूर्व में आयुष्मान भारत योजना के तहत लखनऊ में उनका इलाज कराया था। मगर उतरौला के एक अस्पताल में डॉक्टर ने पोर्टल नहीं चलने की बात कहकर मुफ्त दवा नहीं दी। इलाज में आठ हजार रुपये खर्च हो गए।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 1,64,648 परिवार पंजीकृत हैं। इन परिवारों के 7,30,824 सदस्य योजना के तहत मुफ्त इलाज कराने के लिए पात्र हैं। मगर 30 नवंबर 2022 तक जिले में सिर्फ 11,823 पात्रों का ही मुफ्त इलाज हुआ है। इस पर नौ करोड़ नौ लाख रुपये का भुगतान संबंधित अस्पतालों को किया गया है।
एसीएमओ व आयुष्मान भारत योजना के नोडल डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के पोर्टल में तकनीकी खराबी से दिक्कत हो रही है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। योजना में पंजीकृत पात्रों का मुफ्त इलाज कराने का प्रयास किया जा रहा है।