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सपा-बसपा हुई धड़ाम, कांग्रेस ने निभाई विपक्ष की भूमिका
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लालजी सिंह
बलरामपुर। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में प्रमुख विपक्षी दल सपा-बसपा चारों खाने चित हो गए है। 9 ब्लॉकों में प्रमुख पद पर 8 सीटें भाजपा तथा एक सीट कांग्रेस की झोली में गई है। केवल कांग्रेस ने ही सत्ताधारी दल को चुनौती देकर विपक्ष की भूमिका निभाई है।
विदित हो कि वर्ष 2017 के विधानसभा तथा 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देने वाली समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष तथा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बेअसर दिखी। भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर निर्विरोध कब्जा करने के बाद 9 में से 8 ब्लॉकों के प्रमुख पदों पर भी निर्विरोध कब्जा कर लिया। सात ब्लॉकों में विपक्षी दल चुनाव लड़ना तो दूर नामांकन पत्र ही नहीं खरीद पाए। हरैया सतघरवा ब्लॉक में प्रदेश कांग्रेस महासचिव और पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरु ने भाजपा को सीधी टक्कर दी और भाजपा समर्थित उम्मीदवार के सामने अपने भतीजे अविरल सिंह को उतार कर विपक्ष का एहसास कराया। यही नहीं मतदान के बाद उनके भतीजे ने भाजपा उम्मीदवार को 15 मतों से हराकर प्रमुख पद पर कब्जा कर लिया।
विदित हो कि जिले को सपा तथा बसपा का गढ़ माना जाता रहा है। वर्तमान सांसद भी बहुजन समाज पार्टी के ही है ऐसे में ब्लॉक प्रमुख पदों पर सपा तथा बसपा की खामोशी जनमानस में चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि वर्ष 2022 में भाजपा का विजय रथ रोकने का दावा करने वाले सपाई व बसपाई पंचायत चुनाव में खामोश क्यों रहे। 9 में से 8 सीटों पर कब्जा करने वाली भाजपा तथा उसके विधायक व पदाधिकारी काफी उत्साहित दिख रहे है। उनका कहना है कि जनता ने विपक्ष को नकार दिया है इसलिए वह लोग खामोश है। कुछ लोग इसे जिले के सियासी समीकरण के बदलाव के रूप में भी देख रहे है। संवाद
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बलरामपुर। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में प्रमुख विपक्षी दल सपा-बसपा चारों खाने चित हो गए है। 9 ब्लॉकों में प्रमुख पद पर 8 सीटें भाजपा तथा एक सीट कांग्रेस की झोली में गई है। केवल कांग्रेस ने ही सत्ताधारी दल को चुनौती देकर विपक्ष की भूमिका निभाई है।
विदित हो कि वर्ष 2017 के विधानसभा तथा 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देने वाली समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष तथा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बेअसर दिखी। भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर निर्विरोध कब्जा करने के बाद 9 में से 8 ब्लॉकों के प्रमुख पदों पर भी निर्विरोध कब्जा कर लिया। सात ब्लॉकों में विपक्षी दल चुनाव लड़ना तो दूर नामांकन पत्र ही नहीं खरीद पाए। हरैया सतघरवा ब्लॉक में प्रदेश कांग्रेस महासचिव और पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरु ने भाजपा को सीधी टक्कर दी और भाजपा समर्थित उम्मीदवार के सामने अपने भतीजे अविरल सिंह को उतार कर विपक्ष का एहसास कराया। यही नहीं मतदान के बाद उनके भतीजे ने भाजपा उम्मीदवार को 15 मतों से हराकर प्रमुख पद पर कब्जा कर लिया।
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विदित हो कि जिले को सपा तथा बसपा का गढ़ माना जाता रहा है। वर्तमान सांसद भी बहुजन समाज पार्टी के ही है ऐसे में ब्लॉक प्रमुख पदों पर सपा तथा बसपा की खामोशी जनमानस में चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि वर्ष 2022 में भाजपा का विजय रथ रोकने का दावा करने वाले सपाई व बसपाई पंचायत चुनाव में खामोश क्यों रहे। 9 में से 8 सीटों पर कब्जा करने वाली भाजपा तथा उसके विधायक व पदाधिकारी काफी उत्साहित दिख रहे है। उनका कहना है कि जनता ने विपक्ष को नकार दिया है इसलिए वह लोग खामोश है। कुछ लोग इसे जिले के सियासी समीकरण के बदलाव के रूप में भी देख रहे है। संवाद
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