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Balrampur News: मूक-बधिरों से संवाद के लिए पुलिसकर्मियों को सिखाई सांकेतिक भाषा
Sun, 04 Oct 2026 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 04 Oct 2026 10:57 PM IST
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फोटो-28-बलरामपुर के पुलिस लाइन में कर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। मूक-बधिर लोगों से बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित करने के लिए रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में पुलिसकर्मियों को एक दिवसीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी उतरौला/लाइंस डॉ. जितेंद्र कुमार ने की।
एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि विशेषज्ञ प्रशिक्षक ने पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी। हाथों के इशारों, अंगुलियों की स्थिति और चेहरे के भावों के माध्यम से अंग्रेजी वर्णमाला ए से जेड और संख्या शून्य से नौ तक के संकेत सिखाए गए। इसके साथ ही नमस्ते, नाम, पता, मदद चाहिए, पुलिस, थाना, चोरी, मारपीट, दुर्घटना, अस्पताल और खतरा जैसे दैनिक उपयोग के संकेतों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। एफआईआर दर्ज करते समय पूछे जाने वाले बुनियादी सवालों को सांकेतिक भाषा में पूछने का भी अभ्यास कराया गया।
एसपी ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य थाने या चौकी पर शिकायत लेकर आने वाले मूक-बधिर लोगों को अपनी बात आसानी से रखने में मदद करना है, ताकि उन्हें असहाय महसूस न करना पड़े। पुलिसकर्मियों को धैर्य, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। इससे दिव्यांगजनों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनी शिकायत रखने में मदद मिलेगी।
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कार्यक्रम में प्रतिसार निरीक्षक बिहारी सिंह यादव समेत विभिन्न थानों और शाखाओं के उपनिरीक्षक व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि विशेषज्ञ प्रशिक्षक ने पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी। हाथों के इशारों, अंगुलियों की स्थिति और चेहरे के भावों के माध्यम से अंग्रेजी वर्णमाला ए से जेड और संख्या शून्य से नौ तक के संकेत सिखाए गए। इसके साथ ही नमस्ते, नाम, पता, मदद चाहिए, पुलिस, थाना, चोरी, मारपीट, दुर्घटना, अस्पताल और खतरा जैसे दैनिक उपयोग के संकेतों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। एफआईआर दर्ज करते समय पूछे जाने वाले बुनियादी सवालों को सांकेतिक भाषा में पूछने का भी अभ्यास कराया गया।
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एसपी ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य थाने या चौकी पर शिकायत लेकर आने वाले मूक-बधिर लोगों को अपनी बात आसानी से रखने में मदद करना है, ताकि उन्हें असहाय महसूस न करना पड़े। पुलिसकर्मियों को धैर्य, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। इससे दिव्यांगजनों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनी शिकायत रखने में मदद मिलेगी।
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कार्यक्रम में प्रतिसार निरीक्षक बिहारी सिंह यादव समेत विभिन्न थानों और शाखाओं के उपनिरीक्षक व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।