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Balrampur News: चिकित्सकों की कमी से मरीज परेशान, चेस्ट फिजिशियन नौ माह के अवकाश पर
Tue, 14 Jul 2026 10:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 14 Jul 2026 10:44 PM IST
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फोटो-5-बलरामपुर के संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओपीडी में बैठे मरीज ।-संवाद
बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय इन दिनों विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। चेस्ट फिजिशियन के नौ माह के अवकाश पर जाने और हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुफ्त इलाज की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात चेस्ट फिजिशियन डॉ. शिवपूजन सिंह क्षय रोग से पीड़ित होने के कारण नौ माह के अवकाश पर हैं। उन्हें अवकाश पर गए करीब एक माह हो चुका है और उनका कक्ष बंद पड़ा है। इससे टीबी, निमोनिया, सीने में दर्द और फेफड़ों के संक्रमण से संबंधित मरीजों का उपचार प्रभावित हो गया है।
वहीं, अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से हाथ-पैर व कमर दर्द, हड्डी टूटने और फ्रैक्चर के मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मरीज बिना उपचार कराए ही वापस लौट रहे हैं।
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शासन स्तर पर संयुक्त जिला चिकित्सालय को पंडित अटल बिहारी वाजपेयी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन संचालित किया जा रहा है। ऐसे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के अधीन कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को अस्थायी रूप से संबद्ध करना भी संभव नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का सीधा असर मरीजों के उपचार पर पड़ रहा है।
खरदौरी गांव के रामबक्श ने बताया कि उनके बेटे का पैर टूट गया था। वह प्लास्टर कराने अस्पताल आए थे, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने के कारण इलाज नहीं हो सका। महुवा निवासी कुसुम ने बताया कि उनकी मां सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। उन्हें चेस्ट फिजिशियन को दिखाने अस्पताल लाई थीं, लेकिन डॉक्टर अवकाश पर होने के कारण अब निजी अस्पताल से इलाज कराना पड़ेगा। ओपीडी में पहुंचे फूलमती, मनका, रघुवीर और अखिलेश ने भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता पर निराशा जताई।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राजकुमार वर्मा ने बताया कि चेस्ट फिजिशियन नौ माह के अवकाश पर हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात चेस्ट फिजिशियन डॉ. शिवपूजन सिंह क्षय रोग से पीड़ित होने के कारण नौ माह के अवकाश पर हैं। उन्हें अवकाश पर गए करीब एक माह हो चुका है और उनका कक्ष बंद पड़ा है। इससे टीबी, निमोनिया, सीने में दर्द और फेफड़ों के संक्रमण से संबंधित मरीजों का उपचार प्रभावित हो गया है।
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वहीं, अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से हाथ-पैर व कमर दर्द, हड्डी टूटने और फ्रैक्चर के मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मरीज बिना उपचार कराए ही वापस लौट रहे हैं।
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शासन स्तर पर संयुक्त जिला चिकित्सालय को पंडित अटल बिहारी वाजपेयी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन संचालित किया जा रहा है। ऐसे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के अधीन कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को अस्थायी रूप से संबद्ध करना भी संभव नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का सीधा असर मरीजों के उपचार पर पड़ रहा है।
खरदौरी गांव के रामबक्श ने बताया कि उनके बेटे का पैर टूट गया था। वह प्लास्टर कराने अस्पताल आए थे, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने के कारण इलाज नहीं हो सका। महुवा निवासी कुसुम ने बताया कि उनकी मां सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। उन्हें चेस्ट फिजिशियन को दिखाने अस्पताल लाई थीं, लेकिन डॉक्टर अवकाश पर होने के कारण अब निजी अस्पताल से इलाज कराना पड़ेगा। ओपीडी में पहुंचे फूलमती, मनका, रघुवीर और अखिलेश ने भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता पर निराशा जताई।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राजकुमार वर्मा ने बताया कि चेस्ट फिजिशियन नौ माह के अवकाश पर हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है।