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Balrampur News: आवासीय भवन बिना अटका सैटेलाइट सेंटर का संचालन

Mon, 12 Feb 2024 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Mon, 12 Feb 2024 11:10 PM IST
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Operation of residential building satellite center without any glitch.
बलरामपुर। संयुक्त जिला अस्पताल के समीप केजीएमयू का सैटेलाइट सेंटर बनकर तैयार हो गया है। शासन ने बीते साल ही उसे मेडिकल कॉलेज के रूप में परिवर्तित भी कर दिया है। इसके बावजूद आवासीय भवन न होने से इसके संचालन में अड़ंगा लगा है। आवासीय भवन बनने के बाद ही तय पदों पर नियुक्तियों के बाद इसका संचालन शुरू हो सकेगा। इसमें कम से कम दो साल का समय लगने की बात जिम्मेदार बता रहे हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों में बेहतर इलाज की सुविधा न मिल पाने से मायूसी है।
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प्रशासन की तरफ से सैटेलाइट सेंटर का संचालन शुरू किए जाने के लिए जरूरी आवासीय भवन बनवाने का प्रस्ताव पांच साल पहले भेजा गया था। निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन न मिल पाने के कारण शासन से यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ था। लगातार प्रयास के बाद अब जाकर सैटेलाइट सेंटर पर बनने वाले आवासीय भवन के लिए भूमि की खोज पूरी हो सकी है। आवासीय भवन निर्माण के लिए डीएम की तरफ से गोंडा रोड़ पर 50 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को शासन ने स्वीकार कर लिया है।
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डीएम के अनुसार बजट स्वीकृति मिलने के दो माह के भीतर ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि अभी सैटेलाइट सेंटर सिर्फ 300 बेड का बना था। अब इसमें 130 बेड के संयुक्त जिला चिकित्सालय को जोड़कर इसकी क्षमता को 430 बेड की किया गया है। साथ ही शासन ने इसका नाम बदल कर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय परिसर केजीएमयू एट बलरामपुर कर दिया है।
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प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में सौ सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई की व्यवस्था होगी। इसके लिए 1494 पदों को सृजित किया गया है। स्वीकृत पदों पर तैनाती से पहले आवासीय भवन व छात्रावास का निर्माण होना जरूरी है। इसके निर्माण कार्य में न्यून्तम दो साल का समय लगना तय है। इसके बाद ही तैनाती प्रक्रिया शुरू होने के साथ सेटेलाइट सेंटर बने मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू हो सकेगा।
दो चरणों में पूरी होगी नियुक्ति प्रक्रिया
मेडिकल कॉलेज के लिए सृजित पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। इसमें प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट, मेडिकल आफिसर, चीफ फार्मासिस्ट, डेंटल टेक्नीशियन व फार्मासिस्ट व गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए शासन स्तर से स्वीकृति भी मिल चुकी है। पहले चरण में चिकित्सा महाविद्यालय में 884 पदों व दूसरे चरण में 610 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी होगी। जूनियर इंजीनियर व वेटनरी आफिसर के चार पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे।

सैटेलाइट सेंटर व मेडिकल कॉलेज के संचालन से जिले में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया हो सकेगी। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ, गोंडा व बहराइच रेफर नहीं करना पड़ेगा। केजीएमयू का सैटेलाइट सेंटर शुरू हो जाने से जिला अस्पताल में ही रेडियोथेरेपी, नेत्र रोग फिजियोथेरेपी समेत अन्य विभागों के दस - दस बेड के वार्ड भी मरीजों को इलाज के लिए उपलब्ध हों सकेंगे।
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