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14 पैरामीटर के मानक पर सिर्फ 150 स्कूल खरे
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बलरामपुर में बना प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदनगर ग्रंट।
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। स्कूलों के कायाकल्प में घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिले के सिर्फ 150 स्कूल 14 पैरामीटर के मानक पर खरे उतर सके हैं। शासन के कायाकल्प फरमान को ठेंगा दिखा जा रहा है।
सीडीओ ने स्कूलों के मिशन कायाकल्प में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंत तक जिले के 1825 स्कूलों को शासन ने 14 पैरामीटर पर कायाकल्प कराने का फरमान जारी किया है।
सीडीओ ने बेसिक शिक्षा व पंचायती राज विभाग को प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को मिशन कायाकल्प के तहत 14 पैरामीटर पर चाक-चौबंद कराने का निर्देश दिया है।
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बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक निर्माण एनके सिंह ने बताया कि 1825 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट की तुलना में जिले के 150 स्कूल ही 14 पैरामीटर के मानक पर पूरे हो सके हैं।
14 पैरामीटर के मानक वाले स्कूलों में पीने के लिए पानी, बच्चों के लिए टॉयलेट, पानी से युक्त टॉयलेट, टाइल्स युक्त टाइलेट, हैंड वाशिंग यूनिट, क्लास रुम में टाइल्स, ब्लैकबोर्ड, किचन, पेंटिंग, रैंप, विद्युतीकरण व बिजली के कनेक्शन शामिल हैं।
जिले के 500 स्कूलों में 13 पैरामीटर के मानक पर कार्य किया जा चुका है जिसमें दिव्यांग बच्चों के लिए टॉयलेट का निर्माण कराना बाकी रह गया है। जिले के 600 स्कूलों में 12 पैरामीटर के मानक पर कार्य किए जा चुके हैं। जिले के 360 स्कूलों में 11, 150 स्कूलों में 10, 100 स्कूलों में नौ, 50 स्कूलों में आठ, 14 स्कूलों में सात, 12 स्कूलों में छह, सात स्कूलों में पांच, तीन स्कूलों में चार और एक स्कूल में तीन पैरामीटर के मानक पर कार्य कराए गए हैं।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि हर सप्ताह खंड शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक करके स्कूलों के कायाकल्प योजना को बेहतर ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बीईओ व हेडमास्टरों का सुझाव दिया गया है कि ग्राम पंचायत सचिवों व प्रधानों से समन्वय बनाकर शासन स्तर से निर्धारित 14 पैरामीटर के मानक पर स्कूलों को चाक-चौबंद कराएं।
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सीडीओ ने स्कूलों के मिशन कायाकल्प में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंत तक जिले के 1825 स्कूलों को शासन ने 14 पैरामीटर पर कायाकल्प कराने का फरमान जारी किया है।
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सीडीओ ने बेसिक शिक्षा व पंचायती राज विभाग को प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को मिशन कायाकल्प के तहत 14 पैरामीटर पर चाक-चौबंद कराने का निर्देश दिया है।
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बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक निर्माण एनके सिंह ने बताया कि 1825 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट की तुलना में जिले के 150 स्कूल ही 14 पैरामीटर के मानक पर पूरे हो सके हैं।
14 पैरामीटर के मानक वाले स्कूलों में पीने के लिए पानी, बच्चों के लिए टॉयलेट, पानी से युक्त टॉयलेट, टाइल्स युक्त टाइलेट, हैंड वाशिंग यूनिट, क्लास रुम में टाइल्स, ब्लैकबोर्ड, किचन, पेंटिंग, रैंप, विद्युतीकरण व बिजली के कनेक्शन शामिल हैं।
जिले के 500 स्कूलों में 13 पैरामीटर के मानक पर कार्य किया जा चुका है जिसमें दिव्यांग बच्चों के लिए टॉयलेट का निर्माण कराना बाकी रह गया है। जिले के 600 स्कूलों में 12 पैरामीटर के मानक पर कार्य किए जा चुके हैं। जिले के 360 स्कूलों में 11, 150 स्कूलों में 10, 100 स्कूलों में नौ, 50 स्कूलों में आठ, 14 स्कूलों में सात, 12 स्कूलों में छह, सात स्कूलों में पांच, तीन स्कूलों में चार और एक स्कूल में तीन पैरामीटर के मानक पर कार्य कराए गए हैं।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि हर सप्ताह खंड शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक करके स्कूलों के कायाकल्प योजना को बेहतर ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बीईओ व हेडमास्टरों का सुझाव दिया गया है कि ग्राम पंचायत सचिवों व प्रधानों से समन्वय बनाकर शासन स्तर से निर्धारित 14 पैरामीटर के मानक पर स्कूलों को चाक-चौबंद कराएं।