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Balrampur News: सोहेलवा क्षेत्र में एक नहीं दो तेंदुए बने आतंक का पर्याय
Wed, 06 Dec 2023 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 06 Dec 2023 11:28 PM IST
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बलरामपुर। सोहेलवा रेंज इलाके में आने वाले गांवों में एक नहीं वरन दो तेंदुए आतंक का पर्याय बने हैं। वन विभाग ने पुष्टि के बाद अब इन दोनों तेंदुए की धरपकड़ के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्य करना शुरू किया है। वन विभाग के अनुसार इनमें से एक तेंदुआ लालनगर सिपहिया व बेलवा गांव के आसपास है तो दूसरा भगवानपुर कोडर में विचरण कर रहा है। दोनों ही तेंदुए खास तौर पर छोटे बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं।
इन्हें पकड़ने के लिए वन विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने चिह्नित गांवों में डेरा डाल कर पिंजड़ा लगाने के साथ ड्रोन निगरानी तेज कर दी है। पिंजड़े में बंधे बकरी के बच्चे को देखकर तेंदुए के न आने की आशंका के बाद अब इसमें पिंजड़े में कुत्ता लाकर बांधा गया है। भरोसा जताया गया है कि इसे देखकर तेंदुआ शिकार करने के लिए जरूर आएगा।
11 नवंबर से लेकर अब तक तुलसीपुर थाना क्षेत्र के लालनगर सिपहिया, हरैया सतघरवा थाना क्षेत्र के बेलवा गांव, गैसड़ी के बनकटवा गांव के बाद दो दिसंबर को ललिया थाना क्षेत्र के परसहवा गांव व बीते रविवार को पचपेड़वा के भगवानपुर कोडर में एक बच्चे पर हमला कर चुका है। इसके बाद से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व पिंजड़े का जाल बिछाने के बाद भी तेंदुआ वन विभाग की टीम को चकमा देने में कामयाब बना है। इस बीच वन विभाग को सुराग मिला है कि इस क्षेत्र में एक दूसरा तेंदुआ भी बच्चों पर हमला कर रहा है। इससे अब तेंदुआ आशंकित दोनों स्थानों पर जाल बिछा कर उसे पकड़ने की कोशिश में वन विभाग की टीम जुटी है।
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डीएफओ एम सेम्मारन ने बताया कि इलाके में अब दो तेंदुआ होने की पुष्टि के बाद इन्हें पकड़ने का प्रयास तेजी के साथ किया जा रहा है। पिंजड़े के साथ ही ड्रोन से इलाके की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। स्थिति पर वन विभाग की टीमें पूरी तरह से नजर बनाए हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को भी तेंदुआ के हमले से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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इन्हें पकड़ने के लिए वन विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने चिह्नित गांवों में डेरा डाल कर पिंजड़ा लगाने के साथ ड्रोन निगरानी तेज कर दी है। पिंजड़े में बंधे बकरी के बच्चे को देखकर तेंदुए के न आने की आशंका के बाद अब इसमें पिंजड़े में कुत्ता लाकर बांधा गया है। भरोसा जताया गया है कि इसे देखकर तेंदुआ शिकार करने के लिए जरूर आएगा।
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11 नवंबर से लेकर अब तक तुलसीपुर थाना क्षेत्र के लालनगर सिपहिया, हरैया सतघरवा थाना क्षेत्र के बेलवा गांव, गैसड़ी के बनकटवा गांव के बाद दो दिसंबर को ललिया थाना क्षेत्र के परसहवा गांव व बीते रविवार को पचपेड़वा के भगवानपुर कोडर में एक बच्चे पर हमला कर चुका है। इसके बाद से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व पिंजड़े का जाल बिछाने के बाद भी तेंदुआ वन विभाग की टीम को चकमा देने में कामयाब बना है। इस बीच वन विभाग को सुराग मिला है कि इस क्षेत्र में एक दूसरा तेंदुआ भी बच्चों पर हमला कर रहा है। इससे अब तेंदुआ आशंकित दोनों स्थानों पर जाल बिछा कर उसे पकड़ने की कोशिश में वन विभाग की टीम जुटी है।
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डीएफओ एम सेम्मारन ने बताया कि इलाके में अब दो तेंदुआ होने की पुष्टि के बाद इन्हें पकड़ने का प्रयास तेजी के साथ किया जा रहा है। पिंजड़े के साथ ही ड्रोन से इलाके की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। स्थिति पर वन विभाग की टीमें पूरी तरह से नजर बनाए हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को भी तेंदुआ के हमले से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।