बलरामपुर। भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील और जोन फोर में शामिल बलरामपुर में भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरएफ) वाराणसी की 11वीं बटालियन व जिला आपदा प्रबंधन की इकाई ने संयुक्त मॉक ड्रिल अभियान में बच्चों व शिक्षकों को भूकंप की स्थिति में बचने के गुर बताए। संयुक्त टीम ने जवाहर नवोदय विद्यालय घूघुुलपुर में भूकंप की प्राकृतिक आपदा में फंसे स्कूली बच्चों को सुरक्षित निकाला।
डीएम अरविंद सिंह के निर्देशन में हुए हुई मॉक ड्रिल पुलिस और जिला प्रशासन की टीम के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग, फायर डिपार्टमेंट, शिक्षा विभाग एवं प्रशिक्षित आपदा मित्रों ने भी हिस्सेदारी की। मॉकड्रिल की शुरूआत भूकंप के संकेत पर नवोदय विद्यालय में सायरन की गूंज के साथ हुई। इमारत में छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों के फंसे होने की सूचना पर एनडीआरएफ की टीम के अभियान में अन्य विभागों की टीमें सक्रिय हो गई। टीम ने स्थिति का आंकलन कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर इमारत की दूसरी व तीसरी मंजिल पर फंसे सभी लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं कों भूकंप आने की स्थिति में स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों का भी बचाव करने के बारे में अभ्यास कराया गया। यही नहीं सुरक्षित निकाले गए लोगों को अस्पताल ले जाने का भी अभ्यास हुआ। इस मौके पर एसडीएम राजेन्द्र बहादुर, डिप्टी कमांडेंट एनडीआरएफ संतोष कुमार, सीओ सिटी बृजनंदन राय, सीएमओ सुशील कुमार, एसीएमओ डा. एके चौधरी, व जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह के साथ ही अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।