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गमजदा माहौल में निकला दुलदुल का जुलूस
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बलरामपुर। नगर में शनिवार रात गमजदा माहौल में दुलदुल का जुलूस निकाला गया। कर्बला के मैदान में जंग के दौरान हजरत इमाम हुसैन व उनके साथियों के साथ दुलदुल ने भी शहादत दी थी। पूरी रात लोगों ने दुलदुल का इंतजार किया और घर पहुंचने पर तरह-तरह के व्यंजन खिलाकर उनकी शहादत को याद किया।
मुहर्रम की सातवीं तारीख को शनिवार देर शाम नगर के झंझरा मोहल्ले से असगर अली, नहर बालागंज से हशमत अली व गदुरहवा मोहल्ले से दुलदुल का जुलूस निकाला गया। जुलूस में दुलदुल के प्रतीक के रूप में शामिल घोड़े के साथ सैकड़ों अकीदतमंद मातम करते हुए या हुसैन, या हुसैन का नारा बुलंद करते चल रहे थे।
जुलूस बलुहा, झंझरा, मेवालाल तालाब, पुरैनिया तालाब, नगर पालिका, सराय फाटक, नौशहरा व अलीजान पुरवा होते हुए गदुरहवा मोहल्ला स्थित बाबा हुरमत शाह के आस्ताने पर पहुंचा। जहां आस्ताना कमेटी के लोगों ने दुलदुल के साथ चल रहे अकीदतमंदों का स्वागत किया।
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आस्ताने पर फातिहा पढ़ने के बाद रविवार भोर तक दुलदुल को घर-घर ले जाया गया। दुलदुल को लोगों ने चना, जलेबी, दाल, खीर आदि पकवान खिलाए। हजरत इमाम हुसैन, उनके साथियों तथा दुलदुल की शहादत को याद कर अकीदतमंदों ने मातम किया।
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मुहर्रम की सातवीं तारीख को शनिवार देर शाम नगर के झंझरा मोहल्ले से असगर अली, नहर बालागंज से हशमत अली व गदुरहवा मोहल्ले से दुलदुल का जुलूस निकाला गया। जुलूस में दुलदुल के प्रतीक के रूप में शामिल घोड़े के साथ सैकड़ों अकीदतमंद मातम करते हुए या हुसैन, या हुसैन का नारा बुलंद करते चल रहे थे।
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जुलूस बलुहा, झंझरा, मेवालाल तालाब, पुरैनिया तालाब, नगर पालिका, सराय फाटक, नौशहरा व अलीजान पुरवा होते हुए गदुरहवा मोहल्ला स्थित बाबा हुरमत शाह के आस्ताने पर पहुंचा। जहां आस्ताना कमेटी के लोगों ने दुलदुल के साथ चल रहे अकीदतमंदों का स्वागत किया।
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आस्ताने पर फातिहा पढ़ने के बाद रविवार भोर तक दुलदुल को घर-घर ले जाया गया। दुलदुल को लोगों ने चना, जलेबी, दाल, खीर आदि पकवान खिलाए। हजरत इमाम हुसैन, उनके साथियों तथा दुलदुल की शहादत को याद कर अकीदतमंदों ने मातम किया।