{"_id":"612921078ebc3e7a1211eeaf","slug":"mockdrill-in-piku-ward-regarding-the-third-wave-of-corona-balrampur-news-lko593023012","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पीकू वार्ड में हुआ मॉकड्रिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पीकू वार्ड में हुआ मॉकड्रिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने की संभावना को देखते हुए जिले के पांच अस्पतालों में पीकू वार्ड बनाया गया है। शुक्रवार को इन अस्पतालों के पीकू वार्ड में मॉकड्रिल कर तैयारियों की समीक्षा की गई। आधुनिक संसाधनों से लैस पीकू वार्ड में जो भी कमियां दिखीं उन्हें दूर करने का निर्देश दिया गया है।
कोरोना वैश्विक महामारी की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए संयुक्त जिला अस्पताल, सीएचसी उतरौला, सीएचसी तुलसीपुर, सीएचसी श्रीदत्तगंज एवं सीएचसी नंदनगर में पीकू वार्ड तैयार किया गया है।
तीसरी लहर के दौरान बच्चों में संक्रमण अधिक होने की संभावना विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही है ऐसे में पीकू वार्ड को आवश्यक संसाधनों से लैस किया गया है। शुक्रवार को सीएमएस डा. प्रवीण कुमार के नेतृत्व में संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित पीकू वार्ड में मॉकड्रिल किया गया।
विज्ञापन
मॉकड्रिल का निरीक्षण करते हुए संयुक्त निदेशक गोण्डा डा. अनिल मिश्रा ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पीकू वार्ड में उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता, उपकरणों के रख रखाव व मानव संसाधन के बारे में जानकारी ली। सीएमएस ने बताया कि 40 बेड वाले पीकू वार्ड में 18 वेंटीलेटर संचालित हैं।
आक्सीजन की कमी के चलते जनहानि न हो इसके लिए 350 लीटर प्रति मिनट क्षमता का आक्सीजन प्लांट क्रियाशील है। 100 लीटर प्रति मिनट क्षमता का एक और आक्सीजन प्लांट तैयार कर लिया गया है। शीघ्र ही इसका संचालन शुरु किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अस्पताल में करीब 125 आक्सीजन कंस्ट्रेटर भी उपलब्ध है।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि अस्पताल में मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ हैं जबकि कम से कम चार लोगों की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की भी भारी कमी है। अतिरिक्त डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। सीएचसी श्रीदत्तगंज में मॉकड्रिल का निरीक्षण एसीएमओ डा. बीपी सिंह ने किया।
अधीक्षक डा. विकल्प मिश्र ने अस्पताल में संचालित पीकू वार्ड की तैयारियों एवं संसाधनों के संबंध में जानकारी दी। मॉकड्रिल के दौरान कोविड संक्रमित बच्चे को वार्ड में भर्ती करने, वेंटीलेटर के संचालन एवं बच्चे के देखभाल के संबंध में पूर्वाभ्यास कराया गया।
इसी तरह सीएचसी तुलसीपुर में अधीक्षक डा. सुमंत सिंह चौहान व नोडल अधिकारी डा. संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएचसी उतरौला में अधीक्षक डॉ. चन्द्र प्रकाश व नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार चौधरी तथा सीएचसी नंदनगर में एसीएमओ डा. जय प्रकाश की उपस्थिति में मॉकड्रिल किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुशील कुमार ने बताया कि पीकू वार्ड में मॉकड्रिल करते हुए डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने संक्रमितों को भर्ती करने, उपकरणों के इस्तेमाल, दवाओं की उपलब्धता एवं मरीजों की देखभाल का पूर्वाभ्यास किया गया। मॉकड्रिल के दौरान जो भी कमियां पाई गई उनमें सुधार करने का निर्देश संबंधित अधीक्षकों को दिया गया है।
विज्ञापन
कोरोना वैश्विक महामारी की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए संयुक्त जिला अस्पताल, सीएचसी उतरौला, सीएचसी तुलसीपुर, सीएचसी श्रीदत्तगंज एवं सीएचसी नंदनगर में पीकू वार्ड तैयार किया गया है।
विज्ञापन
तीसरी लहर के दौरान बच्चों में संक्रमण अधिक होने की संभावना विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही है ऐसे में पीकू वार्ड को आवश्यक संसाधनों से लैस किया गया है। शुक्रवार को सीएमएस डा. प्रवीण कुमार के नेतृत्व में संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित पीकू वार्ड में मॉकड्रिल किया गया।
विज्ञापन
मॉकड्रिल का निरीक्षण करते हुए संयुक्त निदेशक गोण्डा डा. अनिल मिश्रा ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पीकू वार्ड में उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता, उपकरणों के रख रखाव व मानव संसाधन के बारे में जानकारी ली। सीएमएस ने बताया कि 40 बेड वाले पीकू वार्ड में 18 वेंटीलेटर संचालित हैं।
आक्सीजन की कमी के चलते जनहानि न हो इसके लिए 350 लीटर प्रति मिनट क्षमता का आक्सीजन प्लांट क्रियाशील है। 100 लीटर प्रति मिनट क्षमता का एक और आक्सीजन प्लांट तैयार कर लिया गया है। शीघ्र ही इसका संचालन शुरु किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अस्पताल में करीब 125 आक्सीजन कंस्ट्रेटर भी उपलब्ध है।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि अस्पताल में मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ हैं जबकि कम से कम चार लोगों की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की भी भारी कमी है। अतिरिक्त डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। सीएचसी श्रीदत्तगंज में मॉकड्रिल का निरीक्षण एसीएमओ डा. बीपी सिंह ने किया।
अधीक्षक डा. विकल्प मिश्र ने अस्पताल में संचालित पीकू वार्ड की तैयारियों एवं संसाधनों के संबंध में जानकारी दी। मॉकड्रिल के दौरान कोविड संक्रमित बच्चे को वार्ड में भर्ती करने, वेंटीलेटर के संचालन एवं बच्चे के देखभाल के संबंध में पूर्वाभ्यास कराया गया।
इसी तरह सीएचसी तुलसीपुर में अधीक्षक डा. सुमंत सिंह चौहान व नोडल अधिकारी डा. संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएचसी उतरौला में अधीक्षक डॉ. चन्द्र प्रकाश व नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार चौधरी तथा सीएचसी नंदनगर में एसीएमओ डा. जय प्रकाश की उपस्थिति में मॉकड्रिल किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुशील कुमार ने बताया कि पीकू वार्ड में मॉकड्रिल करते हुए डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने संक्रमितों को भर्ती करने, उपकरणों के इस्तेमाल, दवाओं की उपलब्धता एवं मरीजों की देखभाल का पूर्वाभ्यास किया गया। मॉकड्रिल के दौरान जो भी कमियां पाई गई उनमें सुधार करने का निर्देश संबंधित अधीक्षकों को दिया गया है।