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Balrampur News: नेपाल के पानी से मैटहवा व रामगढ़ में बाढ़, संपर्क कटा
Mon, 31 Aug 2026 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:31 PM IST
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बलरामपुर के मैटहवा में बाढ़ से घिरा परिषदीय विद्यालय।
महराजगंज तराई। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हुई जोरदार बारिश का असर अब तराई क्षेत्रों में साफ दिखने लगा है। सोमवार शाम खरझार नाले में अचानक आए उफान से महराजगंज तराई क्षेत्र के मैटहवा और रामगढ़ गांवों में पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दोनों गांवों के कई घरों में पानी घुसने और मुख्य मार्गों से संपर्क कटने के कारण करीब 1200 की आबादी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे ग्रामीणों के सामने भोजन और मवेशियों के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नेपाल की पहाड़ियों से आने वाले पानी के साथ हेंगहा, धोबैनिया और खरझार जैसे पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है। ये नाले तराई क्षेत्र से होकर आगे राप्ती नदी में समाहित होते हैं। पिछले वर्षों में भी नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद खरझार नाले में उफान आने से रामगढ़ व मैटहवा समेत आसपास के कई गांव प्रभावित होते रहे हैं। ग्राम प्रधान तुलाराम यादव, धनीराम वर्मा, रामकुमार, कैलाश यादव और नूरुल सलाम आदि ने बताया कि गांव में जलभराव हो गया है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। तुलाराम ने बताया कि लोग गांव में ही हैं, सुबह तक पानी कम होने की संभावना है। एसडीएम हेमंत गुप्त ने बताया कि राजस्व टीम मौके पर भेजी गई है। रात में पानी कम हो जाएगा।
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जुलाई में ही आ चुकी है गांव में बाढ़
-- रामगढ़ और मैटहवा में जुलाई में बाढ़ आई थी। 21 जुलाई को गांव में बाढ़ आई थी। उस समय भी विद्यालय में पानी भर गया था। उस समय पानी तो गांव से दूसरे दिन 22 जुलाई को ही निकल गया था। लेकिन मलबा गांव में छोड़ने से कई दिनों तक कीचड़ की स्थिति रही। बाद में गांव में स्वास्थ्य कर्मियों ने दवाओं का वितरण किया था। एक बार फिर गांव में बाढ़ की स्थिति बनी है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार नेपाल की पहाड़ियों से आने वाले पानी के साथ हेंगहा, धोबैनिया और खरझार जैसे पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है। ये नाले तराई क्षेत्र से होकर आगे राप्ती नदी में समाहित होते हैं। पिछले वर्षों में भी नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद खरझार नाले में उफान आने से रामगढ़ व मैटहवा समेत आसपास के कई गांव प्रभावित होते रहे हैं। ग्राम प्रधान तुलाराम यादव, धनीराम वर्मा, रामकुमार, कैलाश यादव और नूरुल सलाम आदि ने बताया कि गांव में जलभराव हो गया है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। तुलाराम ने बताया कि लोग गांव में ही हैं, सुबह तक पानी कम होने की संभावना है। एसडीएम हेमंत गुप्त ने बताया कि राजस्व टीम मौके पर भेजी गई है। रात में पानी कम हो जाएगा।
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जुलाई में ही आ चुकी है गांव में बाढ़

बलरामपुर के मैटहवा में बाढ़ से घिरा परिषदीय विद्यालय।

बलरामपुर के मैटहवा में बाढ़ से घिरा परिषदीय विद्यालय।

बलरामपुर के मैटहवा में बाढ़ से घिरा परिषदीय विद्यालय।
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