{"_id":"5eb2dad98ebc3e90233f0857","slug":"market-buzzed-work-done-in-offices-balrampur-news-lko520469121","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलजार हुए बाजार, दफ्तरों में हुआ कामकाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलजार हुए बाजार, दफ्तरों में हुआ कामकाज
विज्ञापन
बलरामपुर। लॉकडाउन 3.0 के दौरान ऑरेंज जोन वाले जनपद बलरामपुर में दफ्तर और बाजार धीरे-धीरे गुलजार होने लगे हैं। लॉकडाउन के 42 दिन बाद बुधवार को बाजारों में रौनक दिखी। दफ्तरों में भी शर्तों के साथ कामकाज शुरू हो गया।
लॉकडाउन की निर्धारित शर्तों व सोशल डिस्टेंसिंग का भी अनुपालन कराने का प्रयास किया जा रहा है। लॉकडाउन में मिली शर्तों के साथ छूट से कुछ कारोबारियों में राहत मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं कुछ कारोबारियों को राहत न मिलने का मलाल है। ‘अमर उजाला टीम’ ने बुधवार को लॉकडाउन 3.0 के दौरान लोगों को दी गई मामूली राहत के बाद कारोबार के सिलसिले में बातचीत की। पेश है रिपोर्ट :
जिले की तीनों तहसीलों में हर माह शुद्ध राजस्व देने वाले रजिस्ट्री दफ्तर में 16 अप्रैल से अब तक मात्र 10 लाख रुपये का बैनामा कार्य हुआ है। सहायक आयुक्त स्टांप अरविंद शर्मा ने बताया कि 16 अप्रैल से अब तक जिले की दो तहसीलों से मात्र 10 लाख रुपये के 15 बैनामा कार्य हुए हैं।
विज्ञापन
तुलसीपुर में 10 व सदर में पांच बैनामे हुए हैं वहीं उतरौला में बोहनी भी नहीं हुई है। लॉकडाउन के दौरान 21 मार्च से 15 अप्रैल तक कोई भी बैनामा नहीं हो सका। इससे करीब छह से साढ़े सात करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
लॉकडाउन के दौरान बिजली बिल की वसूली में पावर कॉर्पोरेशन को भी राजस्व का झटका लगा है। एक्सईएन बलरामपुर सुनील कुुमार ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह में सदर डिवीजन में 2.06 करोड़ रुपये और तुलसीपुर व उतरौला डिवीजन में 1.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि चालू वित्त वर्ष के अप्रैल माह में लॉकडाउन के चलते सदर डिवीजन में 1.17 करोड़ रुपये और तुलसीपुर व उतरौला डिवीजन में 66 लाख रुपये बिजली बिल की वसूली हुई है। लॉकडाउन के दौरान बिजली बिल जमा करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने ऑनलाइन इंतजाम किया था और काउंटर भी संचालित किए जा रहे थे।
रजिस्ट्री व बिजली दफ्तर ही नहीं बल्कि राजस्व वसूली वाले सभी विभागों को लॉकडाउन के दौरान काफी चूना लगा है। कर करेत्तर, आबकारी, वाणिज्य कर, राजस्व विभाग, मनोरंजन, मंडी, बांट-माप व नगर निकायों सहित वसूली वाले सभी विभागों को लॉकडाउन में झटका लगा है।
विभागीय अफसरों का मानना है कि लॉकडाउन में मिली छूट से धीरे-धीरे स्थिति पटरी पर आने की उम्मीद जगी है। राजस्व वसूली का प्रयास शुरू कर दिया गया है। कोरोना वायरस के खतरे के डर से दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। पेंडिंग पड़े विकास कार्यों में भी तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
लॉकडाउन की निर्धारित शर्तों व सोशल डिस्टेंसिंग का भी अनुपालन कराने का प्रयास किया जा रहा है। लॉकडाउन में मिली शर्तों के साथ छूट से कुछ कारोबारियों में राहत मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं कुछ कारोबारियों को राहत न मिलने का मलाल है। ‘अमर उजाला टीम’ ने बुधवार को लॉकडाउन 3.0 के दौरान लोगों को दी गई मामूली राहत के बाद कारोबार के सिलसिले में बातचीत की। पेश है रिपोर्ट :
विज्ञापन
जिले की तीनों तहसीलों में हर माह शुद्ध राजस्व देने वाले रजिस्ट्री दफ्तर में 16 अप्रैल से अब तक मात्र 10 लाख रुपये का बैनामा कार्य हुआ है। सहायक आयुक्त स्टांप अरविंद शर्मा ने बताया कि 16 अप्रैल से अब तक जिले की दो तहसीलों से मात्र 10 लाख रुपये के 15 बैनामा कार्य हुए हैं।
विज्ञापन
तुलसीपुर में 10 व सदर में पांच बैनामे हुए हैं वहीं उतरौला में बोहनी भी नहीं हुई है। लॉकडाउन के दौरान 21 मार्च से 15 अप्रैल तक कोई भी बैनामा नहीं हो सका। इससे करीब छह से साढ़े सात करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
लॉकडाउन के दौरान बिजली बिल की वसूली में पावर कॉर्पोरेशन को भी राजस्व का झटका लगा है। एक्सईएन बलरामपुर सुनील कुुमार ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह में सदर डिवीजन में 2.06 करोड़ रुपये और तुलसीपुर व उतरौला डिवीजन में 1.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि चालू वित्त वर्ष के अप्रैल माह में लॉकडाउन के चलते सदर डिवीजन में 1.17 करोड़ रुपये और तुलसीपुर व उतरौला डिवीजन में 66 लाख रुपये बिजली बिल की वसूली हुई है। लॉकडाउन के दौरान बिजली बिल जमा करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने ऑनलाइन इंतजाम किया था और काउंटर भी संचालित किए जा रहे थे।
रजिस्ट्री व बिजली दफ्तर ही नहीं बल्कि राजस्व वसूली वाले सभी विभागों को लॉकडाउन के दौरान काफी चूना लगा है। कर करेत्तर, आबकारी, वाणिज्य कर, राजस्व विभाग, मनोरंजन, मंडी, बांट-माप व नगर निकायों सहित वसूली वाले सभी विभागों को लॉकडाउन में झटका लगा है।
विभागीय अफसरों का मानना है कि लॉकडाउन में मिली छूट से धीरे-धीरे स्थिति पटरी पर आने की उम्मीद जगी है। राजस्व वसूली का प्रयास शुरू कर दिया गया है। कोरोना वायरस के खतरे के डर से दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। पेंडिंग पड़े विकास कार्यों में भी तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।