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Balrampur News: मणिपुर साप्ताहिक बाजार बना आजीविका का आधार
Sun, 14 Jun 2026 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:58 PM IST
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फोटो-25-बलरामपुर के मणिपुर बाजार में सामान खरीदते लोग ।-संवाद
हरैया सतघरवा। भारत-नेपाल सीमा के निकट मणिपुर बाजार में रविवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए लाभदायक साबित हो रहा है। बाजार में एक ओर जहां छोटे किसान अपने खेतों में उगाई गई ताजी साग-सब्जियां बेचकर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों को उचित मूल्य पर हरी एवं ताजी सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं।
पिपरहवा निवासी कल्लू ने बताया कि उनके पास मात्र 10 डिसमिल जमीन है उसमें हरी सब्जी और साग खेती करते हैं उसी को बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। 9 आनंदपुरवा निवासी रामदेव ने बताया कि वह लहसुन और प्याज की खेती करते हैं जिसे बेचने लाए हैं। आसपास के गांव से खरीदारी करने आए रमेश, जमाल, निरहू, विजय, रामदीन आदि ने बताया कि साप्ताहिक बाजार में ताजी सब्जियां व दैनिक इस्तेमाल की वस्तुएं उचित मूल्य पर मिल जाती हैं।
सीमा क्षेत्र में लगने वाले इस बाजार में नेपाल के खंगरा, अड़बड़वा और गंधैला नाका सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भी खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। दुकानदार इशहाक, जगदंबा प्रसाद, रामकुमार, रोजन अली व जगदीश कुमार कसौधन ने बताया कि रविवार का साप्ताहिक बाजार उनके लिए रोजगार का प्रमुख साधन बन गया है।
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पिपरहवा निवासी कल्लू ने बताया कि उनके पास मात्र 10 डिसमिल जमीन है उसमें हरी सब्जी और साग खेती करते हैं उसी को बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। 9 आनंदपुरवा निवासी रामदेव ने बताया कि वह लहसुन और प्याज की खेती करते हैं जिसे बेचने लाए हैं। आसपास के गांव से खरीदारी करने आए रमेश, जमाल, निरहू, विजय, रामदीन आदि ने बताया कि साप्ताहिक बाजार में ताजी सब्जियां व दैनिक इस्तेमाल की वस्तुएं उचित मूल्य पर मिल जाती हैं।
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सीमा क्षेत्र में लगने वाले इस बाजार में नेपाल के खंगरा, अड़बड़वा और गंधैला नाका सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भी खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। दुकानदार इशहाक, जगदंबा प्रसाद, रामकुमार, रोजन अली व जगदीश कुमार कसौधन ने बताया कि रविवार का साप्ताहिक बाजार उनके लिए रोजगार का प्रमुख साधन बन गया है।
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