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1849 गर्भवती की हुई जांच, 177 मिलीं अति कुपोषित
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बलरामपुर। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिले के 20 अस्पतालों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन किया गया। इन अस्पतालों में आई 1849 गर्भवती की जांच की गई जिसमें से 177 अति कुपोषित पाई गई। अति कुपोषित महिलाओं को पोषण के लिए दवा देने के साथ-साथ पौष्टिक आहार लेने का सुझाव दिया गया।
जिला महिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. विनीता राय ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का शुुभारंभ किया। यहां पर आयी गर्भवती महिलाओं की लंबाई, माप व वजन लेकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी गर्भवती को प्रोटीन व विटामिन की दवाओं के साथ फल बांटे गये।
जांच के लिए द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिलाओं को आशा के माध्यम से संबंधित अस्पतालों (पीएमएसएमए क्लिनिक) में पहुंचाया गया। अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व की जांच के तहत हीमोग्लोबिन, यूूरिन, शुगर, एचआईवी एवं पेट की जांच के साथ-साथ अन्य जांचे भी मुफ्त की गई।
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जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विनोद त्रिपाठी ने बताया कि अभियान दिवस को सफल बनाने के लिए 19 पर्यवेक्षक लगाए गए थे। एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बलरामपुर रूरल, डीपीएम शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने उतरौला, डीएचईओ अरविंद मिश्र ने गैसड़ी, डीपीए पुनीत त्रिपाठी ने पचपेड़वा, विनोद त्रिपाठी ने गैड़ास बुजुर्ग, यूनिसेफ की शिखा श्रीवास्तव ने रेहरा बाजार एवं पिरामल फाउंडेशन के राकेश शुक्ला ने मथुरा बाजार क्षेत्र के अस्पतालों का पर्यवेक्षण किया।
20 अस्पतालों में कुल 1849 महिलाओं की जांच की गई इनमें से 177 गर्भवती अति कुपोषित मिली। सभी को पोषण के लिए आवश्यक दवाएं व फल वितरित करते हुए पौष्टिक आहार लेने का सुझाव दिया गया है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने सभी अस्पतालों के सीएमएस, अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सुधार करने तथा ज्यादा से ज्यादा गर्भवती महिलाओं की जांच करने का निर्देश दिया है।
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जिला महिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. विनीता राय ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का शुुभारंभ किया। यहां पर आयी गर्भवती महिलाओं की लंबाई, माप व वजन लेकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी गर्भवती को प्रोटीन व विटामिन की दवाओं के साथ फल बांटे गये।
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जांच के लिए द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिलाओं को आशा के माध्यम से संबंधित अस्पतालों (पीएमएसएमए क्लिनिक) में पहुंचाया गया। अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व की जांच के तहत हीमोग्लोबिन, यूूरिन, शुगर, एचआईवी एवं पेट की जांच के साथ-साथ अन्य जांचे भी मुफ्त की गई।
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जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विनोद त्रिपाठी ने बताया कि अभियान दिवस को सफल बनाने के लिए 19 पर्यवेक्षक लगाए गए थे। एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बलरामपुर रूरल, डीपीएम शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने उतरौला, डीएचईओ अरविंद मिश्र ने गैसड़ी, डीपीए पुनीत त्रिपाठी ने पचपेड़वा, विनोद त्रिपाठी ने गैड़ास बुजुर्ग, यूनिसेफ की शिखा श्रीवास्तव ने रेहरा बाजार एवं पिरामल फाउंडेशन के राकेश शुक्ला ने मथुरा बाजार क्षेत्र के अस्पतालों का पर्यवेक्षण किया।
20 अस्पतालों में कुल 1849 महिलाओं की जांच की गई इनमें से 177 गर्भवती अति कुपोषित मिली। सभी को पोषण के लिए आवश्यक दवाएं व फल वितरित करते हुए पौष्टिक आहार लेने का सुझाव दिया गया है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने सभी अस्पतालों के सीएमएस, अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सुधार करने तथा ज्यादा से ज्यादा गर्भवती महिलाओं की जांच करने का निर्देश दिया है।