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Balrampur News: तेंदुए ने बछड़े को बनाया शिकार
Tue, 25 Nov 2025 10:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 25 Nov 2025 10:47 PM IST
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हरैया सतघरवा। बरहवा रेंज क्षेत्र के परसपुर कमदा गांव में मंगलवार की रात तेंदुए ने एक बंधे हुए बछड़े को मार डाला। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से आसपास के जंगलों में तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी, लेकिन पशु पर हमला पहली बार हुआ है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
गांव निवासी उमाशंकर जायसवाल ने बताया कि गांव के झगरू वर्मा का लगभग छह माह का बछड़ा मंदिर के पास स्थित पशुशाला में रस्सी से बंधा था। देर रात अचानक पशुशाला के पास शोर सुनाई दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने देखा तो बछड़ा मृत पड़ा था। शरीर पर तेंदुए के हमले के स्पष्ट निशान थे। घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों देखा गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि तेंदुआ इसी तरह आबादी की ओर आता रहा तो इंसानी जिंदगी भी खतरे में पड़ सकती है। बच्चों के बाहर खेलने पर रोक जैसी सावधानियां अपनाई जाने लगी हैं।
उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि तेंदुए की गतिविधियों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। वनकर्मियों को गांव और उसके आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि रात के समय पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधें, आसपास प्रकाश की व्यवस्था करें और किसी भी प्रकार की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
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गांव निवासी उमाशंकर जायसवाल ने बताया कि गांव के झगरू वर्मा का लगभग छह माह का बछड़ा मंदिर के पास स्थित पशुशाला में रस्सी से बंधा था। देर रात अचानक पशुशाला के पास शोर सुनाई दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने देखा तो बछड़ा मृत पड़ा था। शरीर पर तेंदुए के हमले के स्पष्ट निशान थे। घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों देखा गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि तेंदुआ इसी तरह आबादी की ओर आता रहा तो इंसानी जिंदगी भी खतरे में पड़ सकती है। बच्चों के बाहर खेलने पर रोक जैसी सावधानियां अपनाई जाने लगी हैं।
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उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि तेंदुए की गतिविधियों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। वनकर्मियों को गांव और उसके आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि रात के समय पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधें, आसपास प्रकाश की व्यवस्था करें और किसी भी प्रकार की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
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