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तहसीलदार के खिलाफ वकीलों ने शुरू किया क्रमिक अनशन
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बलरामपुर। उतरौला तहसीलदार के खिलाफ वकीलों ने गुरुवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार व मनमानी की जांच और स्थानांतरण तक आंदोलन जारी रहेगा।
पहले दिन गुरुवार को अधिवक्ता केसी गोपाल, शिवरतन लाल, जगदंबा प्रसाद, सूर्यलाल गुप्त, शमशाद चौधरी क्रमिक अनशन पर बैठे। इस दौरान वकीलों ने तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। क्रमिक अनशन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सदस्य केसी गोपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार व न्याय साथ-साथ नहीं चल सकते। तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर वकीलों की तरफ से हड़ताल की जा रही है। जिले के उच्चाधिकारियों को कई बार मामले से अवगत कराया गया। अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद ने कहा कि पूर्व में भी तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर वकीलों ने आंदोलन किया, लेकिन कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। एसडीएम की कार्यशैली से भी वकीलों में आक्रोश है।
वहीं, अधिवक्ताओं के आंदोलन के चलते लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जिला प्रशासन भी समस्या के प्रति मौन है। क्रमिक अनशन को अधिवक्ता निजाम अंसारी, मोईद सिद्दीकी, परशुराम यादव, देवेंद्र कुमार, महेंद्र पांडेय, अमित श्रीवास्तव, असगर, इजहारुल हसन आदि ने संबोधित कर तहसीलदार की कार्यशैली के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।
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पहले दिन गुरुवार को अधिवक्ता केसी गोपाल, शिवरतन लाल, जगदंबा प्रसाद, सूर्यलाल गुप्त, शमशाद चौधरी क्रमिक अनशन पर बैठे। इस दौरान वकीलों ने तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। क्रमिक अनशन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सदस्य केसी गोपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार व न्याय साथ-साथ नहीं चल सकते। तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर वकीलों की तरफ से हड़ताल की जा रही है। जिले के उच्चाधिकारियों को कई बार मामले से अवगत कराया गया। अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद ने कहा कि पूर्व में भी तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर वकीलों ने आंदोलन किया, लेकिन कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। एसडीएम की कार्यशैली से भी वकीलों में आक्रोश है।
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वहीं, अधिवक्ताओं के आंदोलन के चलते लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जिला प्रशासन भी समस्या के प्रति मौन है। क्रमिक अनशन को अधिवक्ता निजाम अंसारी, मोईद सिद्दीकी, परशुराम यादव, देवेंद्र कुमार, महेंद्र पांडेय, अमित श्रीवास्तव, असगर, इजहारुल हसन आदि ने संबोधित कर तहसीलदार की कार्यशैली के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।
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