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बाढ़ पर पल-पल नजर रखें: सीएम
Tue, 21 Jul 2026 10:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 21 Jul 2026 10:49 PM IST
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फोटो-34,35-बलरामपुर के शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ।-स्रोत :
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तुलसीपुर। गुप्त नवरात्र की महाअष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार शाम दो दिवसीय दौरे पर बलरामपुर पहुंचे। देवीपाटन धाम स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद वह सीधे सिद्धपीठ मां पाटेश्वरी देवीपाटन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ जिले की स्थिति और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री का स्वागत शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी ने किया। इस अवसर पर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, पल्टूराम, रामप्रताप वर्मा, पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, राकेश सिंह, चंद्र प्रकाश, शेरावाली शुक्ला, विजय सिंह, रामप्रसाद सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह तथा नगर पंचायत पचपेड़वा और गैसड़ी के अध्यक्षों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मंदिर परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले में लगातार हो रही बारिश और राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर बाढ़ की तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा गो-संरक्षण के लिए तैयार कार्ययोजना की जानकारी दी।
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जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बताया कि राप्ती नदी और पहाड़ी नालों की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं, राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है तथा संवेदनशील गांवों में प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस एवं एसएसबी की संयुक्त गश्त, संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी तथा जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राप्ती नदी के तटवर्ती एवं बाढ़ संभावित गांवों पर विशेष नजर रखी जाए। राहत शिविर, नावें, दवाइयां और खाद्यान्न की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा सके।
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मुख्यमंत्री का स्वागत शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी ने किया। इस अवसर पर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, पल्टूराम, रामप्रताप वर्मा, पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, राकेश सिंह, चंद्र प्रकाश, शेरावाली शुक्ला, विजय सिंह, रामप्रसाद सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह तथा नगर पंचायत पचपेड़वा और गैसड़ी के अध्यक्षों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
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मंदिर परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले में लगातार हो रही बारिश और राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर बाढ़ की तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा गो-संरक्षण के लिए तैयार कार्ययोजना की जानकारी दी।
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जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बताया कि राप्ती नदी और पहाड़ी नालों की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं, राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है तथा संवेदनशील गांवों में प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस एवं एसएसबी की संयुक्त गश्त, संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी तथा जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राप्ती नदी के तटवर्ती एवं बाढ़ संभावित गांवों पर विशेष नजर रखी जाए। राहत शिविर, नावें, दवाइयां और खाद्यान्न की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा सके।