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Balrampur News: निगरानी बढ़ाई, पीड़ित परिवार को दी आर्थिक मदद

Mon, 29 Dec 2025 09:02 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 09:02 PM IST
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Increased monitoring, provided financial assistance to the affected family
बलरामपुर के विशुनपुर कोडर गांव में भावुक  पीड़िता को संभालते डीएम विपिन कुमार जैन ।-संवाद
गैसड़ी। जंगली जानवर के हमले में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवार को प्रशासन की ओर से पांच लाख रुपये की मदद दी गई। साथ ही सोमवार को अफसरों से घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी। वहीं वन विभाग जंगली जानवर का पता लगाने के लिए कड़ी निगरानी कर रही है। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि हमला करने वाला जानवर तेंदुआ था या बाघ। अब आसपास के कई अन्य गांवों में भी ट्रैकिंग कैमरा लगाने की तैयारी है।
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नेपाल सीमा से सटे भांभर रेंज के ग्राम विशुनपुर कोडर निवासी कमला (25) की 25 दिसंबर सुबह करीब छह बजे जंगली जानवर के हमले में मौत हो गई थी। 25 दिसंबर शाम करीब छह बजे परसरामपुर बेलभरिया बीट के पास अपनी रिश्तेदारी में जा रही नेपाल की महिला उर्मिला (25) को जंगली जानवर हमला करके मार डाला। 12 नवंबर 2025 को बेलभरिया गांव के मजरे सड़वा निवासी बिकाई गौतम की भी जंगली जानवर के हमले में मौत हो गई थी।
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डीएम विविन कुमार जैन, सीडीओ हिमांशु गुप्त व डीएफओ गौरव गर्ग ने सोमवार को विशुनपुर कोडर गांव पहुंचकर कमला के घर वालों को सांत्वना दी। डीएम ने महिला के परिवार को पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया। इसके बाद नेपाली महिला के रिश्तेदार के घर गए और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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डीएम ने कहा कि सोहेलवा जंगल किनारे बसे सभी गांवों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। जंगली जानवरों के लगातार हमले हो रहे हैं। गांवों में जंगली जानवरों के हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। डीएफओ को लगातार निगरानी कराने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्विक रिस्पॉन्स टीम) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

24 घंटे की जा रही है निगरानी
डीएफओ ने बताया कि घटनास्थल और आसपास के जंगल क्षेत्र में ड्रोन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जंगली जानवरों की हर मूवमेंट पर नजर रखने के लिए चार हाई-रिजॉल्यूशन ट्रैकिंग कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे ऐसे स्थानों पर लगाए गए हैं, जहां से जंगली जानवरों के आने-जाने की संभावना सबसे अधिक है। साथ ही बिशुनपुर कोडर, बेइलिया, परसरामपुर गांव के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है। वन विभाग की ट्रैकिंग टीम लगातार पदचिह्न, खून के निशान व अन्य संकेतों के आधार पर जंगली जानवर की लोकेशन ट्रेस कर रही है। घटनाओं के बाद वन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। गांवों में जाकर मुनादी और जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की ओर न जाएं। सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतें। बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को बिना जरूरत बाहर न भेजें। जंगल से सटे रास्तों पर समूह में ही आवाजाही करें। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी योगेश प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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