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सीबीसी मशीन खराब, बाहर से जांच बनी मजबूरी
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बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी में लगी सीबीसी मशीन करीब आठ माह से खराब है। इससे मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों पर करीब 350 रुपये खर्च करके जांच करानी पड़ती है। अस्पताल के सीएमएस ने पैथोलॉजी में पीओसीटी संस्था की आटोमैटिक पैथोलॉजी मशीनें लगवाने का प्रस्ताव विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजा है।
आधुनिक संसाधनों से लैस होने के बावजूद संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों की तमाम जांचें सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) मशीन खराब होने के कारण नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल का सीबीसी मशीन करीब आठ माह पहले खराब हुई थी। मशीन की मरम्मत के लिए इंजीनियर भी बुलवाए गये, फिर भी मशीन को सही नहीं किया जा सका। इंजीनियर ने बताया कि इस सीबीसी मशीन की मरम्मत संभव नहीं है। जितने पैसे में मशीन की मरम्मत होगी, उतने में नई मशीन आ जाएगी। मशीन की मरम्मत न हो पाने के कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय में सीबीसी जांच आठ महीने से बंद है।
मरीजों को हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स काउंट, व्हाइट ब्लड सेल काउंट व रेड ब्लड सेल काउंट सहित करीब 20 प्रकार की जांचों के लिए प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। जहां सीबीसी जांच कराने के लिए मरीजों से 350 रुपये वसूले जाते हैं। इतना ही नहीं सीबीसी मशीन से होने वाली जांचें अलग-अलग कराई जाने पर मरीजों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बुधवार को अस्पताल में जांच कराने आए मरीजों के परिजन रामदुलारे, इंद्रावती, नसीमुन बानो, हरिदयाल, शिवकुमार, मनोज कुमार आदि ने बताया कि डॉक्टर ने खून की जांच लिखी है। अस्पताल में बताया गया कि सीबीसी मशीन खराब है। ये जांच जिला मेमोरियल चिकित्सालय अथवा कहीं और करानी पड़ेगी। बाहर पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच के लिए 300 से लेकर 500 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। इन लोगों ने अस्पताल के सीएमएस से सीबीसी मशीन की मरम्मत कराने की मांग की है।
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पैथोलॉजी में उपलब्ध नहीं है इलेक्ट्रोलाइट मशीन
संयुक्त जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी में इलेक्ट्रोलाइट मशीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों की सोडियम, पोटैशियम व कैल्शियम आदि की जांच नहीं हो पाती है। मरीजों को सोडियम, पोटैशियम व कैल्शियम की जांच के लिए भी प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों पर 500 रुपये से अधिक खर्च करना पड़ता है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी में खराब पड़ी सीबीसी मशीन की मरम्मत के लिए कई बार इंजीनियर बुलाया गया। इंजीनियर का कहना है कि मशीन काफी खराब है। इसकी मरम्मत में नई मशीन की कीमत से अधिक रुपये खर्च होंगे। सीबीसी मशीन बदले जाने व पीओसीटी की आटोमेटिक पैथोलॉजी मशीनें लगवाने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है।
डॉ. प्रवीण कुमार, सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय बलरामपुर
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आधुनिक संसाधनों से लैस होने के बावजूद संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों की तमाम जांचें सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) मशीन खराब होने के कारण नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल का सीबीसी मशीन करीब आठ माह पहले खराब हुई थी। मशीन की मरम्मत के लिए इंजीनियर भी बुलवाए गये, फिर भी मशीन को सही नहीं किया जा सका। इंजीनियर ने बताया कि इस सीबीसी मशीन की मरम्मत संभव नहीं है। जितने पैसे में मशीन की मरम्मत होगी, उतने में नई मशीन आ जाएगी। मशीन की मरम्मत न हो पाने के कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय में सीबीसी जांच आठ महीने से बंद है।
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मरीजों को हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स काउंट, व्हाइट ब्लड सेल काउंट व रेड ब्लड सेल काउंट सहित करीब 20 प्रकार की जांचों के लिए प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। जहां सीबीसी जांच कराने के लिए मरीजों से 350 रुपये वसूले जाते हैं। इतना ही नहीं सीबीसी मशीन से होने वाली जांचें अलग-अलग कराई जाने पर मरीजों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बुधवार को अस्पताल में जांच कराने आए मरीजों के परिजन रामदुलारे, इंद्रावती, नसीमुन बानो, हरिदयाल, शिवकुमार, मनोज कुमार आदि ने बताया कि डॉक्टर ने खून की जांच लिखी है। अस्पताल में बताया गया कि सीबीसी मशीन खराब है। ये जांच जिला मेमोरियल चिकित्सालय अथवा कहीं और करानी पड़ेगी। बाहर पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच के लिए 300 से लेकर 500 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। इन लोगों ने अस्पताल के सीएमएस से सीबीसी मशीन की मरम्मत कराने की मांग की है।
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पैथोलॉजी में उपलब्ध नहीं है इलेक्ट्रोलाइट मशीन
संयुक्त जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी में इलेक्ट्रोलाइट मशीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों की सोडियम, पोटैशियम व कैल्शियम आदि की जांच नहीं हो पाती है। मरीजों को सोडियम, पोटैशियम व कैल्शियम की जांच के लिए भी प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों पर 500 रुपये से अधिक खर्च करना पड़ता है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी में खराब पड़ी सीबीसी मशीन की मरम्मत के लिए कई बार इंजीनियर बुलाया गया। इंजीनियर का कहना है कि मशीन काफी खराब है। इसकी मरम्मत में नई मशीन की कीमत से अधिक रुपये खर्च होंगे। सीबीसी मशीन बदले जाने व पीओसीटी की आटोमेटिक पैथोलॉजी मशीनें लगवाने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है।
डॉ. प्रवीण कुमार, सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय बलरामपुर