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जिला संयुक्त चिकित्सालय में अव्यवस्था देख भड़की सुनीता बंसल
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बलरामपुर। जिला संयुक्त चिकित्सालय में चारों तरफ अव्यवस्था देख महिला आयोग की सदस्य भड़क उठीं। उनको अपने बीच पाकर मरीजों का दर्द छलक उठा। मरीजों ने डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत की।
प्रसूताओं को जननी सुरक्षा एवं मातृ वंदना योजना का लाभ न दिए जाने की शिकायत पर नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक अधिकारी को समयबद्ध ढंग से योजनाओं का लाभ देने का निर्देश दिया। मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता अत्यंत घटिया पाए जाने पर व्यवस्था में सुधार की चेतावनी भी दी।
राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल गुरुवार सुबह 11 बजे अचानक जिला संयुुक्त चिकित्सालय पहुंच गईं। इस दौरान इलाज कराने आए मो. अली, आयशा बेगम व जान मोहम्मद आदि ने डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत की।
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इस पर उन्होंने तत्काल संबंधित डॉक्टरों को तलब किया और कड़ी फटकार लगाते हुए मरीजों को अस्पताल की ही दवा लिखने का निर्देश दिया। कांदभारी गांव से आई प्रसूता रिंका ने जननी सुुरक्षा योजना का चेक न मिलने की शिकायत की, वहीं माधुरी ने बताया कि करीब आठ माह पहले उसने बेटी को जन्म दिया था। कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद मातृ वंदना योजना का लाभ नहीं मिला।
सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. एनके वाजपेयी से पूछताछ करते हुए उन्होंने प्रसूताओं को सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल दिलाने का निर्देश दिया। यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के संबंध में जगह-जगह होर्डिंग लगवाई जाए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में महिला शौचालय का ताला बंद होने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और शौचालय का ताला खुलवाने तथा सफाई का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
इस दौरान महिला आयोग की सदस्य ने मरीजों को मिलने वाले भोजन का भी निरीक्षण किया। भोजन की गुणवत्ता अत्यंत खराब पाए जाने तथा मरीजों की संख्या के हिसाब से भोजन कम होने पर वह सदस्य भड़क उठीं।
उन्होंने मरीजों को मीनू के अनुसार भोजन दिए जाने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि यदि अब भोजन के संबंध में कोई शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने अस्पताल के प्रसव कक्ष का भी निरीक्षण किया।
प्रसव कक्ष एवं ऑपरेशन थिएटर में उपकरणों के रखरखाव का बेहतर इंतजाम किए जाने का निर्देश भी दिया। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. कमाल अशरफ, अस्पताल की क्वालिटी मैनेजर डॉ. रुचि पांडेय, डॉ. नितिन चौधरी, डॉ. गिरधर चौहान व डॉ. ज्ञान प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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प्रसूताओं को जननी सुरक्षा एवं मातृ वंदना योजना का लाभ न दिए जाने की शिकायत पर नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक अधिकारी को समयबद्ध ढंग से योजनाओं का लाभ देने का निर्देश दिया। मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता अत्यंत घटिया पाए जाने पर व्यवस्था में सुधार की चेतावनी भी दी।
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राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल गुरुवार सुबह 11 बजे अचानक जिला संयुुक्त चिकित्सालय पहुंच गईं। इस दौरान इलाज कराने आए मो. अली, आयशा बेगम व जान मोहम्मद आदि ने डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत की।
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इस पर उन्होंने तत्काल संबंधित डॉक्टरों को तलब किया और कड़ी फटकार लगाते हुए मरीजों को अस्पताल की ही दवा लिखने का निर्देश दिया। कांदभारी गांव से आई प्रसूता रिंका ने जननी सुुरक्षा योजना का चेक न मिलने की शिकायत की, वहीं माधुरी ने बताया कि करीब आठ माह पहले उसने बेटी को जन्म दिया था। कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद मातृ वंदना योजना का लाभ नहीं मिला।
सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. एनके वाजपेयी से पूछताछ करते हुए उन्होंने प्रसूताओं को सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल दिलाने का निर्देश दिया। यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के संबंध में जगह-जगह होर्डिंग लगवाई जाए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में महिला शौचालय का ताला बंद होने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और शौचालय का ताला खुलवाने तथा सफाई का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
इस दौरान महिला आयोग की सदस्य ने मरीजों को मिलने वाले भोजन का भी निरीक्षण किया। भोजन की गुणवत्ता अत्यंत खराब पाए जाने तथा मरीजों की संख्या के हिसाब से भोजन कम होने पर वह सदस्य भड़क उठीं।
उन्होंने मरीजों को मीनू के अनुसार भोजन दिए जाने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि यदि अब भोजन के संबंध में कोई शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने अस्पताल के प्रसव कक्ष का भी निरीक्षण किया।
प्रसव कक्ष एवं ऑपरेशन थिएटर में उपकरणों के रखरखाव का बेहतर इंतजाम किए जाने का निर्देश भी दिया। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. कमाल अशरफ, अस्पताल की क्वालिटी मैनेजर डॉ. रुचि पांडेय, डॉ. नितिन चौधरी, डॉ. गिरधर चौहान व डॉ. ज्ञान प्रकाश आदि मौजूद रहे।