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मछली पालन के लिए सरकार देेगी 60 प्रतिशत अनुदान
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बलरामपुर। आकांक्षात्मक जिले में मछुआ किसानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2020-21 में मछली पालन करने वालों को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
दो हजार वर्ग फीट में मछली पालन करने वाले लाभार्थियों को खर्च के बाद डेढ़ लाख रुपये की शुद्ध बचत होगी। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेने के लिए मछुआ किसानों से 31 दिसंबर तक हर हाल में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की गई है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य रेवती रमण चौधरी ने बताया कि बलरामपुर आकांक्षात्मक जिला है। भारत सरकार की तरफ से यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं व रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।
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जिले में सालाना 30 हजार टन से अधिक मछली का उत्पादन किया जा रहा है जिससे मछुआ किसानों को बेहतर लाभ प्राप्त हो रहा है। तराई क्षेत्र होने के चलते बलरामपुर जिले में पानी की पर्याप्त उपलब्धता रहती है।
जिले के किसानों को मत्स्य योजना के क्षेत्र में रोजगार पाने की अपार संभावनाएं हैं। भूमिहीन किसानों को भी मत्स्य क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से ऑटो रिक्शा सह आइस बॉक्स, बाइक सह आइस बॉक्स, साइकिल व शिकार के लिए नाव जाल आदि संसाधनों को परियोजनाओं के माध्यम से मछुआ किसानों को मुहैया कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो हजार वर्ग फीट अर्थात ढाई बीघे जमीन में यदि कोई एससी/एसटी व महिला तालाब का निर्माण कर मछली पालन करना चाहते हैं तो उन्हें भारत सरकार की तरफ से 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
इसके लिए मछुआ किसानों को 31 दिसंबर तक योजना के वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। नौ माह में मछलियां तैयार हो जाएंगी। इस रोजगार के माध्यम से मछुआ किसानों को सभी खर्च निकालने के बाद डेढ़ लाख रुपये से ऊपर का शुद्ध लाभ मिलेगा।
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दो हजार वर्ग फीट में मछली पालन करने वाले लाभार्थियों को खर्च के बाद डेढ़ लाख रुपये की शुद्ध बचत होगी। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेने के लिए मछुआ किसानों से 31 दिसंबर तक हर हाल में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की गई है।
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मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य रेवती रमण चौधरी ने बताया कि बलरामपुर आकांक्षात्मक जिला है। भारत सरकार की तरफ से यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं व रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।
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जिले में सालाना 30 हजार टन से अधिक मछली का उत्पादन किया जा रहा है जिससे मछुआ किसानों को बेहतर लाभ प्राप्त हो रहा है। तराई क्षेत्र होने के चलते बलरामपुर जिले में पानी की पर्याप्त उपलब्धता रहती है।
जिले के किसानों को मत्स्य योजना के क्षेत्र में रोजगार पाने की अपार संभावनाएं हैं। भूमिहीन किसानों को भी मत्स्य क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से ऑटो रिक्शा सह आइस बॉक्स, बाइक सह आइस बॉक्स, साइकिल व शिकार के लिए नाव जाल आदि संसाधनों को परियोजनाओं के माध्यम से मछुआ किसानों को मुहैया कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो हजार वर्ग फीट अर्थात ढाई बीघे जमीन में यदि कोई एससी/एसटी व महिला तालाब का निर्माण कर मछली पालन करना चाहते हैं तो उन्हें भारत सरकार की तरफ से 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
इसके लिए मछुआ किसानों को 31 दिसंबर तक योजना के वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। नौ माह में मछलियां तैयार हो जाएंगी। इस रोजगार के माध्यम से मछुआ किसानों को सभी खर्च निकालने के बाद डेढ़ लाख रुपये से ऊपर का शुद्ध लाभ मिलेगा।