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Balrampur News: जांच रिपोर्ट पर शासन सख्त, अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी
Sat, 28 Oct 2023 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 28 Oct 2023 11:22 PM IST
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बलरामपुर। निर्माणाधीन गैड़ास बुजुर्ग थाने के सामने की भूमि कब्जाने के मामले में हुई मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसके चलते ही जांच में दोषी मिलने पर निलंबित हुए थानाध्यक्ष पवन कनौजिया व लेखपाल दिनेश पटेल के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। दूसरी तरफ आत्मदाह के प्रयास में झुलसे राम बुझारत का इलाज लखनऊ के मेडिकल विश्वविद्यालय में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी है। झुलसने का असर उसकी किडनी पर भी पड़ा है।
गैड़ास बुजुर्ग के राम बुझारत ने अपने स्वामित्व की जमीन पर अवैध तरह से कब्जा कर पिलर खड़े किए जाने से आहत होकर बीती 24 अक्तूबर को आत्मदाह का प्रयास किया था। डीएम के निर्देश पर इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट व पुलिस अफसरों की तरफ से हुई संयुक्त जांच में पूरे मामले में थानाध्यक्ष व लेखपाल को शुरूआती तौर पर घटना के लिए दोषी माना गया। पूरे मामले में कार्यदायी संस्था पुलिस आवास विकास निगम के अधिकारी भी घेरे में हैं। उनके खिलाफ भी इस बात की विभागीय जांच चल रही है कि उन्होंने निर्माणाधीन कार्य की निगरानी ठीक से नहीं की। इसी तरह ठेकेदार को भी थानाध्यक्ष के कहने पर स्वीकृत नक्शा क्षेत्र के बाहर निर्माण कराने का दोषी माना गया है।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि शासन को भेजी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट में साक्ष्य के बतौर थानाध्यक्ष व ठेकेदार के मध्य हुए वाट्सअप चैट का रेकार्ड भी भेजा गया है। इससे थानाध्यक्ष पर हुई कार्रवाई सिर्फ निलंबन तक ही सीमित नहीं रहेगी। शासन स्तर पर जल्द ही आरोपी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।डीएम ने बताया कि जिला स्तर पर इस पूरे प्रकरण की नियमित समीक्षा भी वह अपने स्तर से कर रहे हैं।
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शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर किए जाने के निर्देश के बावजूद जिम्मेदार इसके अनुपालन को लेकर उदासीन बने हैं। गैड़ास बुजुर्ग प्रकरण में पीड़ित राम बुझारत ने 21 सितंबर को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसार मौर्य के पास भी न्याय दिलवाने की गुहार लगाई थी। लेकिन इसकी सुनवाई होने में भी 36 दिन लग गए।
डिप्टी सीएम कार्यालय से इस संबंध में प्रकरण 26 अक्तूबर को तहसीलदार उतरौला के पास उचित कार्रवाई की संस्तुति के साथ भेजा गया। इस बीच सुनवाई न होने से आहत राम बुझारत ने 24 अक्तूबर को खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास कर लिया।
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गैड़ास बुजुर्ग के राम बुझारत ने अपने स्वामित्व की जमीन पर अवैध तरह से कब्जा कर पिलर खड़े किए जाने से आहत होकर बीती 24 अक्तूबर को आत्मदाह का प्रयास किया था। डीएम के निर्देश पर इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट व पुलिस अफसरों की तरफ से हुई संयुक्त जांच में पूरे मामले में थानाध्यक्ष व लेखपाल को शुरूआती तौर पर घटना के लिए दोषी माना गया। पूरे मामले में कार्यदायी संस्था पुलिस आवास विकास निगम के अधिकारी भी घेरे में हैं। उनके खिलाफ भी इस बात की विभागीय जांच चल रही है कि उन्होंने निर्माणाधीन कार्य की निगरानी ठीक से नहीं की। इसी तरह ठेकेदार को भी थानाध्यक्ष के कहने पर स्वीकृत नक्शा क्षेत्र के बाहर निर्माण कराने का दोषी माना गया है।
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जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि शासन को भेजी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट में साक्ष्य के बतौर थानाध्यक्ष व ठेकेदार के मध्य हुए वाट्सअप चैट का रेकार्ड भी भेजा गया है। इससे थानाध्यक्ष पर हुई कार्रवाई सिर्फ निलंबन तक ही सीमित नहीं रहेगी। शासन स्तर पर जल्द ही आरोपी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।डीएम ने बताया कि जिला स्तर पर इस पूरे प्रकरण की नियमित समीक्षा भी वह अपने स्तर से कर रहे हैं।
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शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर किए जाने के निर्देश के बावजूद जिम्मेदार इसके अनुपालन को लेकर उदासीन बने हैं। गैड़ास बुजुर्ग प्रकरण में पीड़ित राम बुझारत ने 21 सितंबर को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसार मौर्य के पास भी न्याय दिलवाने की गुहार लगाई थी। लेकिन इसकी सुनवाई होने में भी 36 दिन लग गए।
डिप्टी सीएम कार्यालय से इस संबंध में प्रकरण 26 अक्तूबर को तहसीलदार उतरौला के पास उचित कार्रवाई की संस्तुति के साथ भेजा गया। इस बीच सुनवाई न होने से आहत राम बुझारत ने 24 अक्तूबर को खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास कर लिया।