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पहाड़ों पर बारिश से फिर बाढ़ का कहर
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बलरामपुर के ललिया-महराजगंज तराई जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी।
- फोटो : BALRAMPUR
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महराजगंज तराई (बलरामपुर)। बीते दिनों नेपाल के पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के चलते शनिवार को जिले में फिर से बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। खरझार पहाड़ी नालों में आई बाढ़ ने छह गांवों का जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। कई घरों में पानी घुस गया है। महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर आवागमन प्रभावित है। रामगढ़ मैटहवा गांव में ग्राम प्रधान के चुनाव का मतदान बाढ़ के चलते दो घंटे विलंब से शुरू हुआ।
विदित हो कि शनिवार को खरझार पहाड़ी नाले में आई बाढ़ के चलते रामगढ़ मैटहवा, सुगानगर, साहेबनगर, लोहेपनिया, शांति नगर व सहबनिया गांव में पानी भर गया है। घरों में पानी घुसने से लोगों की घर गृहस्थी का सामान व अनाज भी भीग गया है। शनिवार को रामगढ़ मैटहवा गांव में ग्राम प्रधान पद के उपचुनाव का मतदान होना था।
बाढ़ के चलते स्कूल में भरे पानी के कारण मतदान दो घंटे विलंब से शुरू हो सका। किसानों की धान की नर्सरी व गन्ने की फसल भी बाढ़ के पानी में डूब गई है। ललिया-महराजगंज तराई मार्ग पर बाढ़ का पानी भर जाने से आवागमन भी प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल पहाड़ी नाले की बाढ़ से हो रही तबाही से वह लोग आजिज आ चुके हैं।
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शासन-प्रशासन बाढ़ की तबाही रोक पाने में पूरी तरह से नाकाम है। इन लोगों ने गांव को बाढ़ से बचाने के लिए पक्का तटबंध बनाने की मांग की है। एसडीएम तुलसीपुर विनोद सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व टीम भेजकर क्षति का आकलन कराया जा रहा है। पीड़ितों को शीघ्र ही सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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विदित हो कि शनिवार को खरझार पहाड़ी नाले में आई बाढ़ के चलते रामगढ़ मैटहवा, सुगानगर, साहेबनगर, लोहेपनिया, शांति नगर व सहबनिया गांव में पानी भर गया है। घरों में पानी घुसने से लोगों की घर गृहस्थी का सामान व अनाज भी भीग गया है। शनिवार को रामगढ़ मैटहवा गांव में ग्राम प्रधान पद के उपचुनाव का मतदान होना था।
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बाढ़ के चलते स्कूल में भरे पानी के कारण मतदान दो घंटे विलंब से शुरू हो सका। किसानों की धान की नर्सरी व गन्ने की फसल भी बाढ़ के पानी में डूब गई है। ललिया-महराजगंज तराई मार्ग पर बाढ़ का पानी भर जाने से आवागमन भी प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल पहाड़ी नाले की बाढ़ से हो रही तबाही से वह लोग आजिज आ चुके हैं।
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शासन-प्रशासन बाढ़ की तबाही रोक पाने में पूरी तरह से नाकाम है। इन लोगों ने गांव को बाढ़ से बचाने के लिए पक्का तटबंध बनाने की मांग की है। एसडीएम तुलसीपुर विनोद सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व टीम भेजकर क्षति का आकलन कराया जा रहा है। पीड़ितों को शीघ्र ही सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।