{"_id":"66b3bf4705cf033dbd0aed35","slug":"five-accused-in-murder-sentenced-to-life-imprisonment-balrampur-news-c-99-1-brp1003-112833-2024-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: हत्या में पांच दोषियों को उम्र कैद की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: हत्या में पांच दोषियों को उम्र कैद की सजा
Thu, 08 Aug 2024 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 08 Aug 2024 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। मामूली विवाद में चार साल पहले हुई हत्या के मामले में बुधवार को जिला जज अनिल कुमार झा ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने हत्या के मामले में पांच लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज ने दोषियों को चार लाख 90 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड में से तीन लाख रुपये मुआवजा के रूप में मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है।
थाना गौरा चौराहा के कौड़ी मझौवा निवासी राजेंद्र मौर्या ने एक अगस्त 2020 को मुकदमा लिखाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि खेत में मामूली विवाद में गांव के ही शेषराम, पंचम, रामप्यारे, मनीष और लालमन विश्वकर्मा ने बहादुर मौर्या की पिटाई शुरू कर दी। उनकी चीख सुनकर जब श्रीचंद्र, सीताराम और सतगुर आदि बचाने गए तो उनकी भी पिटाई गई। मारपीट में बहादुर की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने पांचों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान 10 गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने पांचों को हत्या और मारपीट का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
थाना गौरा चौराहा के कौड़ी मझौवा निवासी राजेंद्र मौर्या ने एक अगस्त 2020 को मुकदमा लिखाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि खेत में मामूली विवाद में गांव के ही शेषराम, पंचम, रामप्यारे, मनीष और लालमन विश्वकर्मा ने बहादुर मौर्या की पिटाई शुरू कर दी। उनकी चीख सुनकर जब श्रीचंद्र, सीताराम और सतगुर आदि बचाने गए तो उनकी भी पिटाई गई। मारपीट में बहादुर की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने पांचों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान 10 गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने पांचों को हत्या और मारपीट का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन