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पराली जलाने वाले चार किसानों पर केस दर्ज
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बलरामपुर। खेतों में पराली जलाने वाले चारों किसानों पर केस दर्ज कराया गया है। शासन ने सैटेलाइट से पराली जलाने की घटना का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि कृषि विभाग के कर्मियों ने जिले के चार थानों में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है। केस दर्ज कराने के बाद राजस्व के कर्मियों को खेतों की पैमाइश कराकर किसानों से जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया गया है।
उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह ने शनिवार को बताया कि शासन के सेटेलाइट पर बलरामपुर जिले के चार थाना क्षेत्रों के खेतों में पराली जलाने की घटना कैप्चर हुई है। देहात कोतवाली क्षेत्र के ऐलहवा निवासी कादिर, तुलसीपुर थाना क्षेत्र के गुलरिहा निवासी जमाल, ललिया थाना क्षेत्र के कोड़री निवासी गढ़हा साहू व मनीराम के खेत में पराली जलाने की घटना जांच के दौरान पुष्ट हुई है। चारों के खिलाफ संबंधित थानों में कृषि विभाग के कर्मियों ने डीएम के निर्देश पर एफआईआर दर्ज करा दी है।
चारों के खिलाफ जुर्माना लगाने के लिए डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है। डीएम ने संबंधित तहसील के तहसीलदार को पराली जलाने वाले किसानों के खेतों की पैमाइश कराकर राजस्व वसूली करने का निर्देश दिया है। शासन ने दो एकड़ तक दो हजार, पांच एकड़ तक पांच हजार और पांच एकड़ से अधिक जमीन होने पर 15 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया है। जिले के सभी किसानों को खेतों में फसल अवशेष की पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बार में जानकारी देकर जागरुक किया जा रहा है।
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खेतों में पराली जलाने से वायुमंडलीय प्रदूषण, भूमि की उर्वरा शक्ति पर दुष्प्रभाव, लाभकारी सूक्ष्म जीवों के नष्ट हो जाना, पशुओं के चारे की समस्या और अग्निकांड जैसी घटनाओं में भी वृद्घि हो जाती है। इन समस्याओं से बचने के लिए सभी किसानों को सुपरस्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगे कंबाइन हारवेस्टर से धान की कटाई करानी चाहिए जिससे कटाई के समय ही फसल अवशेष प्रबंधन किया जा सके। यदि कंबाइन हारवेस्टर के साथ सुपरस्ट्रा मैनेजमेंट नहीं लगा है तो संचालक से पैडी स्ट्राचापर, स्ट्रीरीपर, मल्चर, स्ट्रारेक व बेलर का प्रयोग कराकर ही कंबाइन हारवेस्टर से फसलों की कटाई कराएं।
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उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह ने शनिवार को बताया कि शासन के सेटेलाइट पर बलरामपुर जिले के चार थाना क्षेत्रों के खेतों में पराली जलाने की घटना कैप्चर हुई है। देहात कोतवाली क्षेत्र के ऐलहवा निवासी कादिर, तुलसीपुर थाना क्षेत्र के गुलरिहा निवासी जमाल, ललिया थाना क्षेत्र के कोड़री निवासी गढ़हा साहू व मनीराम के खेत में पराली जलाने की घटना जांच के दौरान पुष्ट हुई है। चारों के खिलाफ संबंधित थानों में कृषि विभाग के कर्मियों ने डीएम के निर्देश पर एफआईआर दर्ज करा दी है।
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चारों के खिलाफ जुर्माना लगाने के लिए डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है। डीएम ने संबंधित तहसील के तहसीलदार को पराली जलाने वाले किसानों के खेतों की पैमाइश कराकर राजस्व वसूली करने का निर्देश दिया है। शासन ने दो एकड़ तक दो हजार, पांच एकड़ तक पांच हजार और पांच एकड़ से अधिक जमीन होने पर 15 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया है। जिले के सभी किसानों को खेतों में फसल अवशेष की पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बार में जानकारी देकर जागरुक किया जा रहा है।
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खेतों में पराली जलाने से वायुमंडलीय प्रदूषण, भूमि की उर्वरा शक्ति पर दुष्प्रभाव, लाभकारी सूक्ष्म जीवों के नष्ट हो जाना, पशुओं के चारे की समस्या और अग्निकांड जैसी घटनाओं में भी वृद्घि हो जाती है। इन समस्याओं से बचने के लिए सभी किसानों को सुपरस्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगे कंबाइन हारवेस्टर से धान की कटाई करानी चाहिए जिससे कटाई के समय ही फसल अवशेष प्रबंधन किया जा सके। यदि कंबाइन हारवेस्टर के साथ सुपरस्ट्रा मैनेजमेंट नहीं लगा है तो संचालक से पैडी स्ट्राचापर, स्ट्रीरीपर, मल्चर, स्ट्रारेक व बेलर का प्रयोग कराकर ही कंबाइन हारवेस्टर से फसलों की कटाई कराएं।