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24.98 लाख को आज से खिलाई जाएगी फाइलेरिया की दवा
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बलरामपुर। विकलांगता के प्रमुख कारण फाइलेरिया की रोकथाम के लिए जिले में 12 से 27 मई तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर 24.98 लाख लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाएंगे। गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दवा नहीं खिलाई जाएगी। ये बातें सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहयोग से बुधवार को नगर के एक होटल सभागार में आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। कहा कि अन्य बीमारियों की तरह फाइलेरिया के उन्मूलन में भी मीडिया की भूमिका बहुत ही अहम है।
फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति सभी को जागरूक करें। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया बीमारी मच्छर के काटने से होती है। इस बीमारी को हाथी पांव भी कहा जाता है। इसमें पैर व हाथों में सूजन के अलावा अंडकोश में भी सूजन जैसी दिक्कतें आती हैं। उन्होंने सभी से अपील किया कि फाइलेरिया से बचने के लिए डीईसी व अल्बेंडाजोल दवा जरूर खाएं। एसीएमओ डॉ. एके सिंघल ने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवा खाली पेट नहीं खानी है। स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने ही दवा खिलाएंगे। किसी भी हालत में दवा घर ले जाने के लिए नहीं दी जाएगी।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि जिले में 24.98 लाख से अधिक लोगों को अभियान के दौरान दवा खिलाई जाएगी। दवा खिलाने के लिए 2030 टीमें बनाई गई हैं। 342 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। बताया कि पिछले सर्वें के अनुसार जिले में हाथी पांव के 201 और हाइड्रोसील के 417 मरीज हैं। वर्तमान समय में नए मरीजों का सर्वे किया जा रहा है। पाथ संस्था की डॉ. आयशा आलम ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के संबंध में जानकारी दी।
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एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि लोगों को घर के जनदीक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके इसके लिए सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों का कायाकल्प करके उन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में परिवर्तित किया जा रहा है। इन सेंटरों पर गैर संचारी रोग, शुगर, हृदय रोग, बीपी व कैंसर आदि बीमारियों की जांच, उपचार व सही सलाह के लिए कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा इन सेंटरों पर ऑनलाइन विशेषज्ञ चिकित्सक से भी सलाह व इलाज की व्यवस्था की गई है।
मीडिया कार्यशाला में एसीएमओ आरसीएच डॉ. बीपी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अरुण कुमार, एसएमओ डॉ. विनय डांगे, डीएमसी शिखा श्रीवास्तव, डीएमओ राजेश कुमार पाडेय, सी-फॉर के मंडलीय प्रतिनिधि सुशील कुमार वर्मा व जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा सहित सभी सीएचसी के अधीक्षक व तमाम मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति सभी को जागरूक करें। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया बीमारी मच्छर के काटने से होती है। इस बीमारी को हाथी पांव भी कहा जाता है। इसमें पैर व हाथों में सूजन के अलावा अंडकोश में भी सूजन जैसी दिक्कतें आती हैं। उन्होंने सभी से अपील किया कि फाइलेरिया से बचने के लिए डीईसी व अल्बेंडाजोल दवा जरूर खाएं। एसीएमओ डॉ. एके सिंघल ने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवा खाली पेट नहीं खानी है। स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने ही दवा खिलाएंगे। किसी भी हालत में दवा घर ले जाने के लिए नहीं दी जाएगी।
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जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि जिले में 24.98 लाख से अधिक लोगों को अभियान के दौरान दवा खिलाई जाएगी। दवा खिलाने के लिए 2030 टीमें बनाई गई हैं। 342 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। बताया कि पिछले सर्वें के अनुसार जिले में हाथी पांव के 201 और हाइड्रोसील के 417 मरीज हैं। वर्तमान समय में नए मरीजों का सर्वे किया जा रहा है। पाथ संस्था की डॉ. आयशा आलम ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के संबंध में जानकारी दी।
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एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि लोगों को घर के जनदीक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके इसके लिए सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों का कायाकल्प करके उन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में परिवर्तित किया जा रहा है। इन सेंटरों पर गैर संचारी रोग, शुगर, हृदय रोग, बीपी व कैंसर आदि बीमारियों की जांच, उपचार व सही सलाह के लिए कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा इन सेंटरों पर ऑनलाइन विशेषज्ञ चिकित्सक से भी सलाह व इलाज की व्यवस्था की गई है।
मीडिया कार्यशाला में एसीएमओ आरसीएच डॉ. बीपी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अरुण कुमार, एसएमओ डॉ. विनय डांगे, डीएमसी शिखा श्रीवास्तव, डीएमओ राजेश कुमार पाडेय, सी-फॉर के मंडलीय प्रतिनिधि सुशील कुमार वर्मा व जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा सहित सभी सीएचसी के अधीक्षक व तमाम मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।