फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Farmers were sent back without giving them fertilizers

Balrampur News: गांव नक्शे में नहीं है…कहकर किसानों को केंद्र से लौटाया

Sun, 17 Aug 2025 10:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Aug 2025 10:50 PM IST
विज्ञापन
Farmers were sent back without giving them fertilizers
बलरामपुर के ललिया में साधन सहकारी समिति मथुरा बाजार में खाद लेने के लिए जुटी किसानों की भीड़ ।-
जरवा/उतरौला/ललिया/महराजगंज तराई/रेहरा बाजार/पचपेड़वा (बलरामपुर)। तुम्हारे गांव का नाम नक्शे में नहीं है, इसलिए खाद नहीं देंगे। तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम सोनपुर धुतकहवा के किसानों को समिति सचिव ने यह कहकर लौटा दिया। यह आरोप सुजात अहमद, प्रिंस, कृष्ण कुमार और सुनील सहित दर्जनों किसान ने लगाया। बताया कि बीते एक माह से समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन बार-बार यही जवाब देकर लौटा दिया जाता है।
विज्ञापन

धान की फसलों में पीलापन और गन्ने की बढ़वार रुकने लगी है। किसानों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो उनकी मेहनत और फसल दोनों बर्बाद हो जाएंगी। क्षेत्र ग्राम नवानगर मकुनहवा और चौहत्तर कला के किसानों ने प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि सचिव व क्षेत्रीय नेता मनमानी कर रहे हैं। कुछ किसानों को दर्जनों बार खाद दी जा रही है, वे खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। जबकि सैकड़ों किसान महीनों से लाइन में लगकर भी एक बार खाद नहीं पा सके। धक्का-मुक्की और भीड़ में कई किसान चोटिल भी हो गए। उतरौला तहसील क्षेत्र में किसानों का आरोप है कि हजारों बोरी खाद निजी विक्रेताओं के पास डंप कर दी गई है। समितियों और गोदामों पर किसान घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। जब तक उनकी बारी आती है, कर्मचारी खाद खत्म का बोर्ड टांग देते हैं।
विज्ञापन

500 बोरी पर टूटा धैर्य, रेहरा बाजार व पचपेड़वा में हंगामा

ललिया क्षेत्र की साधन सहकारी समिति मथुरा बाजार पर 500 बोरी खाद टोकन पर बांटी गई। भीड़ इतनी थी कि करीब 500 से 600 किसान खाली हाथ लौट गए। कृषक रामप्यारी यादव, सीतापति और जटाशंकर तिवारी ने बताया कि खाद न मिलने से उनकी धान और गन्ने की फसल सूख रही है। कौवापुर की सहकारी समिति पर किसान सुबह छह बजे से लाइन में खड़े रहे, लेकिन कर्मचारी ही नहीं पहुंचे। हरिहरनगर के अब्दुल्ला ने कहा कि जब खाद मिलने की बारी आती है तो सचिव ताला बंद कर चले जाते हैं। रेहरा बाजार में खाद की मांग अधिक और आपूर्ति बेहद कम रही। वहीं पचपेड़वा नई बाजार में नाराज किसानों ने दुर्गा मंदिर के पास सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान बोले - खेत सूख रहे, लेकिन खाद नहीं मिल रही
ललिया की रामप्यारी यादव का कहना है कि एक हफ्ते से समिति का चक्कर काट रही हैं। धान की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। जटाशंकर तिवारी ने कहा कि 20 बीघा धान और 10 बीघा गन्ना की फसल खाद न मिलने से सूख रही है। हरिहरनगर के अब्दुल्ला ने कहा कि दिनभर भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन समिति बंद कर दी जाती है। बदलपुर के नक्के का कहना था कि सुबह छह बजे से खड़े हैं, कर्मचारी ही नहीं आए।

खाद का वितरण हो रहा है, भीड़ अधिक होने से कहीं दिक्कत हो रही है। खाद की कोई कमी नहीं है। यदि कालाबाजारी की बात है तो किसान शिकायत करें, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
- श्याम नरायण राम, उपनिदेशक कृषि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed