{"_id":"5eff5c6c8ebc3e42bb684c2b","slug":"farmers-should-be-ready-about-the-arrival-of-locust-balrampur-news-lko5290114192","type":"story","status":"publish","title_hn":"टिड्डियों के आने को लेकर सभी लोग रहें सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टिड्डियों के आने को लेकर सभी लोग रहें सतर्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों में फिर से टिड्डियों के आने की संभावना जताई जा रही है। टिड्डियों के फिर से आने को लेकर कृषि विभाग की तरफ से कड़ी चौकसी बरती जा रही है। डीएम कृष्णा करुणेश, एसपी देवरंजन वर्मा व सीडीओ अमनदीप डुली के निर्देश पर जिले भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह, जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी सलीमुद्दीन, बीएसए कृषि सुभाष चंद्रा व जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुश्वाहा के नेतृत्व में गठित टीमें लगातार क्षेत्र भ्रमण करके लोगों को टिड्डियों के आने को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे पचपेड़वा ब्लॉक के चंदनपुर, भुसहर, उचवा, विशुनपुर विश्राम, मोतीपुर, सेमरी आदि गांवों में 29 जून की शाम को टिड्डियों का दल आ धमका। प्रशासन की तरफ से टीमें गठित कराकर रासायनिक नियंत्रण के तहत असंख्य टिड्डियों को मार गिराया गया। शेष बची टिड्डियां नेपाल की तरफ भाग गईं।
इस वर्ष असामयिक वर्षा व मौसम परिवर्तन के कारण जिले में कीट पतंगों का भारी प्रकोप हो रहा है। कीट पतंगों के बढ़ने की संभावना है। इस समय गन्ने की फसल में ग्रास हॉपर की समस्या देखी जा रही है। इन कीटों के खेत में दिखाई पड़ने और टिड्डियों के आक्रमण को लेकर सभी किसानों को पांच बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना होगा तभी फसलों के नुकसान को बचाया जा सकता है। अपने खेतों की लगातार निगरानी करें।
विज्ञापन
आसमान में टिड्डी दल दिखाई पड़ने पर शोर मचाकर भगाएं और कृषि विभाग के स्थानीय कर्मचारियों को तत्काल सूचना दें। खाली खेतों को जोतकर पानी भर दें। ग्रास हॉपर व टिड्डियां दिखाई पड़ने पर क्लोरपायरीफास का निर्धारित घोल के साथ तत्काल उनके दल पर छिड़काव करें। किसानों को जोत के हिसाब से रासायिनक पदार्थों को खरीदने की अनुमति दी गई है। किसी सलाह व सुझाव के लिए जिला कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 8299139122 पर संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे पचपेड़वा ब्लॉक के चंदनपुर, भुसहर, उचवा, विशुनपुर विश्राम, मोतीपुर, सेमरी आदि गांवों में 29 जून की शाम को टिड्डियों का दल आ धमका। प्रशासन की तरफ से टीमें गठित कराकर रासायनिक नियंत्रण के तहत असंख्य टिड्डियों को मार गिराया गया। शेष बची टिड्डियां नेपाल की तरफ भाग गईं।
विज्ञापन
इस वर्ष असामयिक वर्षा व मौसम परिवर्तन के कारण जिले में कीट पतंगों का भारी प्रकोप हो रहा है। कीट पतंगों के बढ़ने की संभावना है। इस समय गन्ने की फसल में ग्रास हॉपर की समस्या देखी जा रही है। इन कीटों के खेत में दिखाई पड़ने और टिड्डियों के आक्रमण को लेकर सभी किसानों को पांच बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना होगा तभी फसलों के नुकसान को बचाया जा सकता है। अपने खेतों की लगातार निगरानी करें।
विज्ञापन
आसमान में टिड्डी दल दिखाई पड़ने पर शोर मचाकर भगाएं और कृषि विभाग के स्थानीय कर्मचारियों को तत्काल सूचना दें। खाली खेतों को जोतकर पानी भर दें। ग्रास हॉपर व टिड्डियां दिखाई पड़ने पर क्लोरपायरीफास का निर्धारित घोल के साथ तत्काल उनके दल पर छिड़काव करें। किसानों को जोत के हिसाब से रासायिनक पदार्थों को खरीदने की अनुमति दी गई है। किसी सलाह व सुझाव के लिए जिला कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 8299139122 पर संपर्क कर सकते हैं।