{"_id":"6aaad962fb295e5582067efd","slug":"explanation-sought-from-tehsildar-over-allegations-of-re-encroachment-on-government-land-balrampur-news-c-99-1-slko1019-154880-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जे के आरोप में तहसीलदार से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जे के आरोप में तहसीलदार से मांगा जवाब
Wed, 16 Sep 2026 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 16 Sep 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। हरैया क्षेत्र की ग्राम पंचायत कामदा में सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जे के आरोप के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने तहसीलदार सदर से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की अदालत ने तहसीलदार को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर मामले की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
प्रशांत तिवारी की ओर से दाखिल जनहित याचिका संख्या 838/2026 की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि संबंधित भूमि पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67(1) के तहत पहले कार्रवाई की जा चुकी है। 17 नवंबर 2023 को बेदखली का आदेश भी पारित हुआ था। इसके बावजूद निजी प्रतिवादी पर दोबारा अतिक्रमण करने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में 12 सितंबर को एफआईआर भी दर्ज की गई।
अदालत ने तहसीलदार से स्पष्ट करने को कहा है कि वर्ष 2023 के बेदखली आदेश के बाद अतिक्रमण कब हटाया गया, दोबारा कब्जा कब हुआ और उसके बाद क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने रिकॉल आवेदन से संबंधित पूरा रिकॉर्ड भी तलब किया है।
विज्ञापन
मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। तहसीलदार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित होना होगा। तहसीलदार शशांक शेखर ने बताया कि प्रकरण की जानकारी कर तय तिथि पर जवाब दाखिल किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रशांत तिवारी की ओर से दाखिल जनहित याचिका संख्या 838/2026 की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि संबंधित भूमि पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67(1) के तहत पहले कार्रवाई की जा चुकी है। 17 नवंबर 2023 को बेदखली का आदेश भी पारित हुआ था। इसके बावजूद निजी प्रतिवादी पर दोबारा अतिक्रमण करने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में 12 सितंबर को एफआईआर भी दर्ज की गई।
विज्ञापन
अदालत ने तहसीलदार से स्पष्ट करने को कहा है कि वर्ष 2023 के बेदखली आदेश के बाद अतिक्रमण कब हटाया गया, दोबारा कब्जा कब हुआ और उसके बाद क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने रिकॉल आवेदन से संबंधित पूरा रिकॉर्ड भी तलब किया है।
विज्ञापन
मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। तहसीलदार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित होना होगा। तहसीलदार शशांक शेखर ने बताया कि प्रकरण की जानकारी कर तय तिथि पर जवाब दाखिल किया जाएगा।