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राप्ती नदी में कटान हुई तेज, ग्रामीणों में दहशत
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बलरामपुर। बाढ़ घटने के साथ ही राप्ती नदी में कटान तेज हो गई है। राप्ती नदी के कटान को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। जिले के 35 स्थानों पर राप्ती नदी पर कटान रोधी कार्य कराए गए फिर भी कई स्थानों पर राप्ती नदी बेशकीमती जमीनों के साथ-साथ लोगों के घरों को भी निगल रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से कटानरोधी कार्य कराए जाने की मांग की है। खरझार पहाड़ी नाले के तटबंध निर्माण का तुलसीपुर एसडीएम ने औचक निरीक्षण कर जायजा लिया और बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिया।
राप्ती नदी के बाढ़ का कहर तो थम गया लेकिन कटान का कहर जारी है। पिछले साल राप्ती नदी में शिवपुरा शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुर का भवन समाहित हो गया था।
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बाढ़ खंड के अधिकारियों ने ग्राम परसौना में हो रही कटान को रोकने के लिए बंबू क्रेट, ट्री स्पर व नायलान क्रेट में मिट्टी भरी बोरियां और बंबू परक्यूपाइन लगाकर कटान को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
उतरौला तहसील के गोनकोट गांव में भी कटान को नियंत्रित करने के लिए कटानरोधी कार्य कराए गए। करमहना भोजपुर तटबंध को कटान से बचाने के लिए कार्य कराए गए। नबस्ता, रजवापुर, भोजपुर शाहपुर तटबंध, जनुका व नैनसुखवा गांव के पास भी कटानरोधी कार्य किए गए।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से कटानरोधी कार्य कराए जाने की मांग की है। खरझार पहाड़ी नाले के तटबंध निर्माण का तुलसीपुर एसडीएम ने औचक निरीक्षण कर जायजा लिया और बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिया।
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राप्ती नदी के बाढ़ का कहर तो थम गया लेकिन कटान का कहर जारी है। पिछले साल राप्ती नदी में शिवपुरा शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुर का भवन समाहित हो गया था।
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बाढ़ खंड के अधिकारियों ने ग्राम परसौना में हो रही कटान को रोकने के लिए बंबू क्रेट, ट्री स्पर व नायलान क्रेट में मिट्टी भरी बोरियां और बंबू परक्यूपाइन लगाकर कटान को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
उतरौला तहसील के गोनकोट गांव में भी कटान को नियंत्रित करने के लिए कटानरोधी कार्य कराए गए। करमहना भोजपुर तटबंध को कटान से बचाने के लिए कार्य कराए गए। नबस्ता, रजवापुर, भोजपुर शाहपुर तटबंध, जनुका व नैनसुखवा गांव के पास भी कटानरोधी कार्य किए गए।