{"_id":"61acf96346fb29773b58ee7b","slug":"encroachment-removed-from-main-roads-for-pm-s-rally-balrampur-news-lko6075819104","type":"story","status":"publish","title_hn":"अटल व नानाजी की धरती से प्रधानमंत्री देंगे प्रदेश को बड़ी सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अटल व नानाजी की धरती से प्रधानमंत्री देंगे प्रदेश को बड़ी सौगात
विज्ञापन
नेपाल बार्डर पर बना राप्ती बैराज, यहीं से सरयू नहर में छोड़ा जाएगा पानी।
- फोटो : BALRAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की कर्मस्थली तथा नानाजी देशमुख की तपोस्थली से 11 दिसंबर को प्रधानमंत्री प्रदेश को बड़ी सौगात देंगे। 9802 करोड़ की लागत से देश की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना सरयू नहर का प्रधानमंत्री हसुंवाडोल गांव से लोकार्पण करेंगे।
यह नहर प्रदेश के नौ जिलों के 25 लाख किसानों के खेतों में सिंचाई का पानी उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री के लोकार्पण समारोह का सभी नौ जिलों के लाभान्वित होने वाले ब्लाक मुख्यालयों पर एलईडी के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। इन ब्लॉकों के किसान प्रधानमंत्री का संबोधन लाइव देख व सुन सकेंगे।
नेपाल से सटे जनपदों के असिंचित इलाकों के किसानों की सिंचाई के लिए इस परियोजना को इंदिरा गांधी की सरकार ने वर्ष 1971 में मंजूरी दी थी लेकिन बाद की सरकारों के ध्यान न देने से यह परियोजना अधूरी पड़ी रही।
विज्ञापन
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अधूरी पड़ी 99 परियोजनाओं को पूरा करने का बीड़ा उठाया तो उसमें यह नहर परियोजना भी शामिल हो गई। 78 करोड़ रुपये से शुरु की गई इस योजना का 9 जिलों में विस्तार किया गया तो इसकी लागत बढ़कर 9802 करोड़ रुपये हो गई।
नहर की मुख्य लंबाई 318 किलोमीटर तथा लिंक नहरों की लंबाई 6600 किलोमीटर है। इस नहर से 14.5 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा। नौ जिलों के कुल 25 लाख किसान लाभान्वित होंगे। इस नहर से घाघरा, राप्ती, सरयू, बाणगंगा व रोहिणी नदियों को भी जोड़ा जाएगा।
यह नहर प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट हर खेत को पानी का हिस्सा है। यही नहीं प्रधानमंत्री अटल व नाना जी की धरती से पूर्वांचल के लोगों को बड़ा संदेश भी दे सकते हैं। यह संदेश क्या होगा इसका खुलासा आगामी 11 दिसंबर को हो सकता है।
विज्ञापन
यह नहर प्रदेश के नौ जिलों के 25 लाख किसानों के खेतों में सिंचाई का पानी उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री के लोकार्पण समारोह का सभी नौ जिलों के लाभान्वित होने वाले ब्लाक मुख्यालयों पर एलईडी के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। इन ब्लॉकों के किसान प्रधानमंत्री का संबोधन लाइव देख व सुन सकेंगे।
विज्ञापन
नेपाल से सटे जनपदों के असिंचित इलाकों के किसानों की सिंचाई के लिए इस परियोजना को इंदिरा गांधी की सरकार ने वर्ष 1971 में मंजूरी दी थी लेकिन बाद की सरकारों के ध्यान न देने से यह परियोजना अधूरी पड़ी रही।
विज्ञापन
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अधूरी पड़ी 99 परियोजनाओं को पूरा करने का बीड़ा उठाया तो उसमें यह नहर परियोजना भी शामिल हो गई। 78 करोड़ रुपये से शुरु की गई इस योजना का 9 जिलों में विस्तार किया गया तो इसकी लागत बढ़कर 9802 करोड़ रुपये हो गई।
नहर की मुख्य लंबाई 318 किलोमीटर तथा लिंक नहरों की लंबाई 6600 किलोमीटर है। इस नहर से 14.5 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा। नौ जिलों के कुल 25 लाख किसान लाभान्वित होंगे। इस नहर से घाघरा, राप्ती, सरयू, बाणगंगा व रोहिणी नदियों को भी जोड़ा जाएगा।
यह नहर प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट हर खेत को पानी का हिस्सा है। यही नहीं प्रधानमंत्री अटल व नाना जी की धरती से पूर्वांचल के लोगों को बड़ा संदेश भी दे सकते हैं। यह संदेश क्या होगा इसका खुलासा आगामी 11 दिसंबर को हो सकता है।