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Balrampur News: मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में संपादकीय लेखन व भाषण प्रयोगशाला होगी स्थापित

Sun, 26 Oct 2025 09:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Oct 2025 09:15 PM IST
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Editorial writing and speech laboratory will be established in Maa Pateshwari University
बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने परास्नातक स्तर पर ''''संपादकीय'''' और ''''भाषण'''' को साहित्य की स्वतंत्र विधा के रूप में मान्यता देते हुए पाठ्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए गठित समिति पुस्तकों का संकलन कर रही है। जल्द ही विश्वविद्यालय में संपादकीय लेखन व भाषण प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी। हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. शैलेंद्र नाथ मिश्र के अनुसार कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह के मार्गदर्शन में यह नवाचार हो रहा है।
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प्रो. शैलेंद्र नाथ मिश्र के अनुसार संपादकीय वह विधा है, जो विचारों की आग को शब्दों के दीप में बदल देती है। यह केवल लेखन नहीं, एक बौद्धिक साधना है। विद्यार्थियों को यह समझाने की जरूरत है कि भाषा हमारे पूर्वजों की अर्जित सामूहिक संपत्ति है। संपादकीय उस भाषा की परिपक्व अभिव्यक्ति है, जिसमें समाज के विचार, नीति और संवेदना एक साथ आकार लेते हैं।
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पाठ्यक्रम में यह होगा खास
संपादकीय लेखन : इस विधा के छात्र हंस, आलोचना, दस्तावेज जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के संपादकीय के साथ ही समाचार पत्रों, पुस्तकों के संपादकीय का विश्लेषण कर सकेंगे। उनसे समसामयिक विषयों पर संपादकीय लेखन का अभ्यास कराया जाएगा।
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भाषण विधा :
इसके विद्यार्थी मंचीय प्रस्तुति और सार्वजनिक संवाद की तकनीक सीखेंगे। विद्यार्थियों को प्रायोगिम ज्ञान उपलब्ध कराया जाएगा। उन्हें सिर्फ पढ़ाया ही नहीं जाएगा, प्रयोग करके बताया भी जाएगा। इसके लिए संपादकीय और भाषण पर राज्यस्तरीय कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और वेबिनार आयोजित किए जाएंगे।

पाठ्यक्रम के अननुसार तैयार होंगी पुस्तकें
प्रो. मिश्र के अनुसार संपादकीय गद्य का वह रूप है, जहां भाषा अपने सर्वोत्तम स्वरूप में दिखाई देती है। यह विचार, ज्ञान और अनुभूति, तीनों का सघन संगम है। इन सभी तथ्यों को शामिल करते हुए पुस्तक तैयार की जाएगी। इसमें करीब छह महीने का समय लगेगा। पुस्तकों में यह स्पष्ट किया जाएगा कि संपादकीय शासन और नागरिक समाज के बीच विश्वसनीय संवाद का माध्यम है, जो कम शब्दों में गहरी बात कहने की कला सिखाता है। संवाद
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