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गोली चलाने वाले को सात वर्ष की कैद
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:32 PM IST
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गोली चलाने वाले को सात वर्ष की कैद
बलरामपुर। एफटीसी द्वितीय ने गोली चलाने के आरोप में एक को दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 10 हजार अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
थाना हरैया निवासी गोली ने थाने पर पांच अप्रैल 2016 को प्रार्थना पत्र दिया था कि उसके लड़के कल्लू उर्फ राकेश कुमार को गांव के ही लालाराम व नानबाबू बुलाकर ले गए।
इन लोगों ने परसपुर कमदा भट्ठे के पास लेकर जान से मारने की नियत से कल्लू को गोली मार दी। कल्लू जान बचाकर भट्ठे पर पहुंचा तथा लोगों को घटना की सूचना दी।
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पुलिस ने लालाराम व नानबाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु की। विवेचक ने लालाराम व नानबाबू को जान से मारने की नियत से हमला करने का आरोपी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता वसीउल हसन ने 9 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। पत्रावली के अवलोकन करने व दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद एफटीसी द्वितीय अमित वर्मा ने लालाराम को जान से मारने की नियत से गोली मारने का दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायाधीश ने आदेशित किया कि अर्थदंड की आधी रकम चोटहिल कल्लू को जुर्माने के रूप में अदा की जाएगी।
साक्ष्यों के अभाव में लालाराम को न्यायाधीश ने सभी आरोपो से बरी कर दिया। इसी मामले में लालाराम को अवैध कट्टा रखने का दोषी मानते हुए न्यायाधीश अमित वर्मा ने तीन वर्ष की सश्रम कारावास व 500 रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई।
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बलरामपुर। एफटीसी द्वितीय ने गोली चलाने के आरोप में एक को दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 10 हजार अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
थाना हरैया निवासी गोली ने थाने पर पांच अप्रैल 2016 को प्रार्थना पत्र दिया था कि उसके लड़के कल्लू उर्फ राकेश कुमार को गांव के ही लालाराम व नानबाबू बुलाकर ले गए।
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इन लोगों ने परसपुर कमदा भट्ठे के पास लेकर जान से मारने की नियत से कल्लू को गोली मार दी। कल्लू जान बचाकर भट्ठे पर पहुंचा तथा लोगों को घटना की सूचना दी।
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पुलिस ने लालाराम व नानबाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु की। विवेचक ने लालाराम व नानबाबू को जान से मारने की नियत से हमला करने का आरोपी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता वसीउल हसन ने 9 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। पत्रावली के अवलोकन करने व दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद एफटीसी द्वितीय अमित वर्मा ने लालाराम को जान से मारने की नियत से गोली मारने का दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायाधीश ने आदेशित किया कि अर्थदंड की आधी रकम चोटहिल कल्लू को जुर्माने के रूप में अदा की जाएगी।
साक्ष्यों के अभाव में लालाराम को न्यायाधीश ने सभी आरोपो से बरी कर दिया। इसी मामले में लालाराम को अवैध कट्टा रखने का दोषी मानते हुए न्यायाधीश अमित वर्मा ने तीन वर्ष की सश्रम कारावास व 500 रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई।