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हत्यारे पुत्र को आजीवन कारावास
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बलरामपुर। अपर जिला जज प्रथम ने हत्या के दोषी पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 60 हजार रुपए अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
यह जानकारी देते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नवीन तिवारी ने बताया कि थाना उतरौला के ग्राम चमरूपुर निवासिनी कदरून्निशा ने अपने पिता अख्तर अली की हत्या करने का आरोपी बताते हुए अपने भाई अशरफ अली उर्फ बब्लू के खिलाफ मुकदमा लिखवाया था।
कदरून्निशा का आरोप था कि 21 सितंबर 2012 को अशरफ ने पिता अख्तर अली पर ज्वलनशील पदार्थ डाला। वह भागने लगे तो पत्थर से मारकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने अशरफ अली को प्रथम दृष्टया अख्तर अली की हत्या दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर जिला जज प्रथम विपिन कुमार ने अशरफ उर्फ बबलू को अपने पिता की अख्तर अली की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास तथा 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर बबलू को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। संवाद
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यह जानकारी देते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नवीन तिवारी ने बताया कि थाना उतरौला के ग्राम चमरूपुर निवासिनी कदरून्निशा ने अपने पिता अख्तर अली की हत्या करने का आरोपी बताते हुए अपने भाई अशरफ अली उर्फ बब्लू के खिलाफ मुकदमा लिखवाया था।
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कदरून्निशा का आरोप था कि 21 सितंबर 2012 को अशरफ ने पिता अख्तर अली पर ज्वलनशील पदार्थ डाला। वह भागने लगे तो पत्थर से मारकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने अशरफ अली को प्रथम दृष्टया अख्तर अली की हत्या दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर जिला जज प्रथम विपिन कुमार ने अशरफ उर्फ बबलू को अपने पिता की अख्तर अली की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास तथा 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर बबलू को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। संवाद
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