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Balrampur News: मां पाटेश्वरी विवि में पदों के सृजन से उम्मीदों को लगे पंख

Sat, 30 Aug 2025 10:52 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Aug 2025 10:52 PM IST
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Creation of posts in Maa Pateshwari University gives wings to hopes
बलरामपुर। देवीपाटन मंडल में उच्च शिक्षा को नई दिशा मिली है। सरकार ने मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के लिए 245 अस्थायी शैक्षिक पदों के सृजन की मंजूरी दी है, इससे लोगों में उत्साह है। उम्मीद है कि जल्द ही विश्वविद्यालय में पढ़ाई की तैयारी पूरी हो जाएगी। तय पदों में 35 प्रोफेसर, 70 एसोसिएट प्रोफेसर और 140 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। इन पदों पर तैनाती से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने इस फैसले पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का आभार जताया। कहा कि यह कदम देवीपाटन मंडल के छात्रों और युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार और शोध कार्यों में भागीदारी का अवसर मिलेगा। कुलपति ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी नियुक्तियां शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं आरक्षण नियमों का पालन करते हुए होंगी। इस फैसले के बाद छात्रों और शिक्षकों में उत्साह है।
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अब तक कई विभागों में स्थायी शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई गेस्ट फैकल्टी पर निर्भर रहती थी। एमएससी की छात्रा नैना वर्मा ने कहा कि जब विभागों में स्थायी प्रोफेसर आएंगे तो हमें शोध और प्रोजेक्ट्स के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा। अब हमें लखनऊ या इलाहाबाद जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय में अब शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी। तराई क्षेत्र की कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी स्थानीय समस्याओं पर गहन अध्ययन संभव हो सकेगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नियुक्तियों के बाद नए पाठ्यक्रम और विभाग शुरू करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। इससे विद्यार्थियों को रोजगारपरक और व्यावसायिक शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध होंगे। कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि यह समय केवल नौकरी और पद तक सीमित रहने का नहीं, बल्कि पूरे मंडल की उच्च शिक्षा को नई पहचान देने का है। यह भी बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन अब इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने तथा पुस्तकालय व प्रयोगशालाओं के विस्तार की दिशा में भी कार्य कर रहा है।

शिक्षकों और विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के बीच इस निर्णय को लेकर उत्साह है। एमए की छात्रा काजल ने कहा कि अब हमें पढ़ाई के लिए बाहर बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जब विश्वविद्यालय में इतने पद सृजित होंगे तो हमें यहीं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन मिलेगा। वहीं बीए तृतीय वर्ष के छात्र रवि मिश्रा का कहना है कि यह फैसला हम जैसे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए वरदान है। पढ़ाई और शोध दोनों में नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय शिक्षकों ने भी इस कदम का स्वागत किया। कृषक बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं विश्वविद्यालय वित्त समिति के सदस्य सर्वेश सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह फैसला देवीपाटन मंडल को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा। यहां के छात्रों को अब महानगरों की ओर पलायन करने की मजबूरी नहीं रहेगी।
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