{"_id":"69063bb5eaaba04d74056588","slug":"children-started-falling-prey-to-diseases-as-the-weather-changed-balrampur-news-c-99-1-brp1003-136146-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: मौसम बदलते ही बीमारियों में चपेट में आने लगे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: मौसम बदलते ही बीमारियों में चपेट में आने लगे बच्चे
विज्ञापन
- जिला मेमोरियल अस्पताल में बच्चे की जांच करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह। संवाद
बलरामपुर। मौसम में बदलाव होते ही बच्चों में बीमारी बढ़ने लगी है। बच्चे सर्दी, खांसी व बुखार से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चों में निमोनिया का खतरा भी बढ़ा है। जिला मेमोरियल अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 60 से अधिक बीमार बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला मेमोरियल अस्पताल के शनिवार को बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ दिखी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह बच्चों से घिरे हुए थे। अभिभावक बच्चों काे दिखाने के लिए इंतजार करते दिखे। सुबह 11:40 बजे बाल रोग विशेषज्ञ 45 बच्चों का इलाज कर चुके थे। डॉ. राजेश ने बताया कि बारिश के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। तापमान कम होने से ठंड का असर दिखने लगा है। ऐसे में 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों में सर्दी, खांसी व बुखार की समस्या बढ़ी है।
इस सप्ताह सर्दी, खांसी व बुखार से प्रभावित बच्चों की संख्या अधिक रही है। औसतन प्रतिदिन 55 से 60 बीमार बच्चे ओपीडी आए हैं। कक्ष के बाहर खड़े राजू ने बताया कि उनके बेटे को कई दिनों से खांसी आ रही है। सरोजिनी ने बताया कि उनकी बेटी को जकड़न है। नाक जाम होने से सांस लेने में परेशानी है। इसी तरह कई और अभिभावक अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन
छोटे बच्चों में बढ़ा निमोनिया का खतरा
बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि एक साल से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं होती है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, कुपोषण, और समय से पहले जन्म जैसे जोखिम कारक निमोनिया के खतरे को और भी बढ़ा देते हैं। ओपीडी में बीते दिनों 10 से 12 बच्चों में निमोनिया के लक्षण दिखे हैं। बच्चों की सेहत पर ध्यान देने का सुझाव दिया गया है।
विज्ञापन
जिला मेमोरियल अस्पताल के शनिवार को बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ दिखी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह बच्चों से घिरे हुए थे। अभिभावक बच्चों काे दिखाने के लिए इंतजार करते दिखे। सुबह 11:40 बजे बाल रोग विशेषज्ञ 45 बच्चों का इलाज कर चुके थे। डॉ. राजेश ने बताया कि बारिश के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। तापमान कम होने से ठंड का असर दिखने लगा है। ऐसे में 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों में सर्दी, खांसी व बुखार की समस्या बढ़ी है।
विज्ञापन
इस सप्ताह सर्दी, खांसी व बुखार से प्रभावित बच्चों की संख्या अधिक रही है। औसतन प्रतिदिन 55 से 60 बीमार बच्चे ओपीडी आए हैं। कक्ष के बाहर खड़े राजू ने बताया कि उनके बेटे को कई दिनों से खांसी आ रही है। सरोजिनी ने बताया कि उनकी बेटी को जकड़न है। नाक जाम होने से सांस लेने में परेशानी है। इसी तरह कई और अभिभावक अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन
छोटे बच्चों में बढ़ा निमोनिया का खतरा
बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि एक साल से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं होती है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, कुपोषण, और समय से पहले जन्म जैसे जोखिम कारक निमोनिया के खतरे को और भी बढ़ा देते हैं। ओपीडी में बीते दिनों 10 से 12 बच्चों में निमोनिया के लक्षण दिखे हैं। बच्चों की सेहत पर ध्यान देने का सुझाव दिया गया है।