फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Border vigilance increased after Nepal's new restrictions

Balrampur News: नेपाल की नई बंदिशों के बाद सीमा पर बढ़ी चौकसी

Sat, 16 May 2026 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sat, 16 May 2026 10:56 PM IST
विज्ञापन
Border vigilance increased after Nepal's new restrictions
फोटो-27-बलरामपुर के जरवा क्षेत्र में ​जंगल के बीच से होकर गुजरता पगडंडी रास्ता।-संवाद
बलरामपुर/जरवा। नेपाल सरकार से भारतीय वाहनों और सीमापार आवाजाही को लेकर नई बंदिशें लागू किए जाने के बाद जिले से सटी नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल में अब भारतीय निजी वाहनों के प्रवेश और ठहराव को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ने से पुलिस और एसएसबी भी अलर्ट मोड में आ गई है।
विज्ञापन

नेपाल सरकार की नई व्यवस्था के तहत भारतीय निजी वाहनों को अब साल में सीमित संख्या में ही नेपाल प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। प्रवेश के दौरान भंसार शुल्क और क्यूआर कोड आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। वहीं तय समय से अधिक रुकने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। इन नियमों के लागू होने के बाद सीमावर्ती इलाकों में चोरी-छिपे आवाजाही और तस्करी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विज्ञापन


जिले के जरवा, बघेलखंड, गुरुंग नाका, खबरी नाका, कोइलाबास सीमा चौकी और रहिया देवी मंदिर के आसपास कई ऐसे पगडंडी रास्ते हैं, जहां से स्थानीय लोग वर्षों से छोटी दूरी की आवाजाही करते रहे हैं। अब इन रास्तों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की विशेष नजर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीमें लगातार सीमा क्षेत्र में गश्त कर रही हैं। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है। लोगों को नए नियमों की जानकारी देकर जागरूक भी किया जा रहा है। एसपी विकास कुमार ने बताया कि पुलिस और एसएसबी ने सीमावर्ती गांवों में पैदल गश्त कर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ग्राम सुरक्षा समितियों और स्थानीय लोगों से संवाद कर मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की गई। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नेपाल की नई बंदिशों के बाद सीमा पार आने-जाने वालों की जांच पहले से अधिक कड़ी हो गई है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
नेपाली बंदिशों से सीमा पार कारोबार प्रभावित

नेपाली बंदिशों और निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद सीमा पार जाने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है।
सीमा क्षेत्र के व्यापारियों सादिक अली, संतोष कुमार, रानी आदि का कहना है कि रोजमर्रा के छोटे कारोबार और खरीदारी पर असर पड़ रहा है। पहले लोग निजी वाहनों से आसानी से नेपाल जाकर सामान खरीद लेते थे, लेकिन अब बढ़ी जांच और शुल्क व्यवस्था के कारण लोग जाने से बच रहे हैं। कई वाहन चालक भी बार-बार होने वाली जांच और कागजी प्रक्रिया से परेशान नजर आ रहे हैं। वहीं नेपाल से लोग जरवा, बालापुर, मणिपुर आदि बाजारों में खरीद करने आते थे। अब सीमावर्ती बाजारों में पहले की तुलना में आवाजाही कम हुई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि लंबे समय तक यही व्यवस्था रही तो छोटे कारोबारियों, दैनिक मजदूरों और सीमा क्षेत्र के बाजारों पर सीधा असर पड़ सकता है।


इनसेटप्रवेश के बाद 72 घंटे में करनी होगी वापसी

नेपाल में भारतीय निजी वाहन अब साल में केवल 30 बार ही भंसार शुल्क देकर नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे। वहीं एक बार प्रवेश के बाद वाहन अधिकतम 30 दिन तक ही नेपाल में रह सकेगा। इसके बाद भी वाहन नेपाल में पाए जाने पर भारी जुर्माना या वाहन जब्ती की कार्रवाई हो सकती है। वहीं नेपाल में जाने पर 72 घंटे में वापस आना होगा। नेपाल प्रशासन ने भारतीय वाहनों की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम और क्यूआर कोड व्यवस्था भी लागू की है। सीमा पार करने वाले वाहनों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रखा जाएगा।

फोटो-27-बलरामपुर के जरवा क्षेत्र में जंगल के बीच से होकर गुजरता पगडंडी रास्ता।-संवाद

फोटो-27-बलरामपुर के जरवा क्षेत्र में जंगल के बीच से होकर गुजरता पगडंडी रास्ता।-संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed