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Balrampur News: जिला अस्पताल में खून की कमी, मरीज बेहाल
Sat, 09 Mar 2024 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 09 Mar 2024 11:29 PM IST
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600 की क्षमता वाले ब्लड बैंक में उपलब्ध है मात्र 21 यूनिट खूनए व बी निगेटिव और एबी पाॅजिटिव ग्रुप का रक्त उपलब्ध ही नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय का ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा है। 600 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में इस समय महज 21 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। यहां ए व बी निगेटिव तथा एबी पाॅजिटिव ग्रुप का रक्त उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में खून की कमी से जूझ रहे मरीजों को गोंडा व बहराइच तक दौड़ लगानी पड़ती है।
कैंसर, किडनी की खराबी व गर्भावस्था के दौरान एनीमिया से जूझ रही महिलाओं व सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर रक्त मुहैया कराने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक संचालित है। यहां पर जरूरतमंद किसी भी ग्रुप का रक्तदान कर जरूरत वाले ग्रुप का रक्त प्राप्त कर सकते हैं। सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए यह सुविधा मुफ्त है। जबकि निजी नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों को एक यूनिट के खून के लिए 1050 रुपये ट्रांजेक्शन शुल्क देना पड़ता है। बीते कई दिनों से यह ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा है।
महज 21 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध
ब्लड बैंक प्रभारी सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि 600 यूनिट स्टोरेज की क्षमता वाले इस ब्लड बैंक में इस समय महज 21 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। जिसमें ए पाॅजिटिव ग्रुप का दो, बी पॉजिटिव ग्रुप का 10, ओ पाजिटिव ग्रुप का तीन, ओ निगेटिव ग्रुप का पांच एवं एबी निगेटिव ग्रुप का एक यूनिट रक्त उपलब्ध है। यहां ए व बी निगेटिव तथा एबी पाॅजिटिव ग्रुप का खून उपलब्ध ही नहीं है।
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मरीज बोले - होती है परेशानी
गैसड़ी निवासी शिव कुमार ने बताया कि गर्भवती पत्नी का ऑपरेशन कराने के लिए दो यूनिट ए निगेटिव ब्लड की आवश्यकता थी। संयुक्त जिला चिकित्सालय में रक्त न मिलने पर खून लाने के लिए बहराइच जाना पड़ा। श्रीदत्तगंज निवासी मोहम्मद इदरीश ने बताया कि बी निगेटिव खून के लिए दो दिन से ब्लड बैंक का दौड़ लगा रहे हैं।
नियमित लगवाया जाता है रक्तदान शिविर
ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नियमित रूप से रक्तदान शिविर का आयोजन होता है। इधर करीब दो माह से शिविर न लगने के कारण ब्लड बैंक में खून की कमी हुई है। होली के बाद बलरामपुर चीनी मिल में शिविर का आयोजन किया जाएगा। अन्य संस्थाओं से भी शिविर आयोजन के लिए संपर्क किया जा रहा है।
-डॉ. राज कुमार वर्मा, सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय बलरामपुर
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बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय का ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा है। 600 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में इस समय महज 21 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। यहां ए व बी निगेटिव तथा एबी पाॅजिटिव ग्रुप का रक्त उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में खून की कमी से जूझ रहे मरीजों को गोंडा व बहराइच तक दौड़ लगानी पड़ती है।
कैंसर, किडनी की खराबी व गर्भावस्था के दौरान एनीमिया से जूझ रही महिलाओं व सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर रक्त मुहैया कराने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक संचालित है। यहां पर जरूरतमंद किसी भी ग्रुप का रक्तदान कर जरूरत वाले ग्रुप का रक्त प्राप्त कर सकते हैं। सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए यह सुविधा मुफ्त है। जबकि निजी नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों को एक यूनिट के खून के लिए 1050 रुपये ट्रांजेक्शन शुल्क देना पड़ता है। बीते कई दिनों से यह ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा है।
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महज 21 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध
ब्लड बैंक प्रभारी सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि 600 यूनिट स्टोरेज की क्षमता वाले इस ब्लड बैंक में इस समय महज 21 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। जिसमें ए पाॅजिटिव ग्रुप का दो, बी पॉजिटिव ग्रुप का 10, ओ पाजिटिव ग्रुप का तीन, ओ निगेटिव ग्रुप का पांच एवं एबी निगेटिव ग्रुप का एक यूनिट रक्त उपलब्ध है। यहां ए व बी निगेटिव तथा एबी पाॅजिटिव ग्रुप का खून उपलब्ध ही नहीं है।
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मरीज बोले - होती है परेशानी
गैसड़ी निवासी शिव कुमार ने बताया कि गर्भवती पत्नी का ऑपरेशन कराने के लिए दो यूनिट ए निगेटिव ब्लड की आवश्यकता थी। संयुक्त जिला चिकित्सालय में रक्त न मिलने पर खून लाने के लिए बहराइच जाना पड़ा। श्रीदत्तगंज निवासी मोहम्मद इदरीश ने बताया कि बी निगेटिव खून के लिए दो दिन से ब्लड बैंक का दौड़ लगा रहे हैं।
नियमित लगवाया जाता है रक्तदान शिविर
ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नियमित रूप से रक्तदान शिविर का आयोजन होता है। इधर करीब दो माह से शिविर न लगने के कारण ब्लड बैंक में खून की कमी हुई है। होली के बाद बलरामपुर चीनी मिल में शिविर का आयोजन किया जाएगा। अन्य संस्थाओं से भी शिविर आयोजन के लिए संपर्क किया जा रहा है।
-डॉ. राज कुमार वर्मा, सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय बलरामपुर