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Balrampur News: आईआईटी कानपुर में ट्रेनिंग के लिए चुने गए बीडीओ व डीपीएम
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संदीप कश्यप, डीपीएम
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बलरामपुर। पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए पंचायत राज विभाग और आईआईटी कानपुर के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत शुरू हुए विशेष प्रशिक्षण में बलरामपुर जिले का नाम भी शामिल हो गया है। प्रथम चरण के लिए जिले से पचपेड़वा खंड विकास अधिकारी मोहित दुबे और जिला परियोजना प्रबंधक संदीप कश्यप का चयन किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने बताया कि यह प्रशिक्षण आईआईटी कानपुर में आयोजित होगा, जहां प्रतिनिधियों को अच्छे प्रशासन, नेतृत्व कौशल, संसाधन प्रबंधन, डिजिटल टूल्स, वित्तीय प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पांच चरणों में होगा और प्रत्येक चरण पांच दिनों का होगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रतिभागियों को आईआईटी कानपुर की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
सीडीओ ने कहा कि हमारे जिले के दो अधिकारियों का चयन प्रदेश के प्रथम चरण की ट्रेनिंग के लिए होना गर्व की बात है। इससे न केवल अधिकारियों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी बल्कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। यह पहल ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का काम करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण से पंचायत व्यवस्था और मजबूत होगी और ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में तेजी आएगी।
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मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने बताया कि यह प्रशिक्षण आईआईटी कानपुर में आयोजित होगा, जहां प्रतिनिधियों को अच्छे प्रशासन, नेतृत्व कौशल, संसाधन प्रबंधन, डिजिटल टूल्स, वित्तीय प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पांच चरणों में होगा और प्रत्येक चरण पांच दिनों का होगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रतिभागियों को आईआईटी कानपुर की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
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सीडीओ ने कहा कि हमारे जिले के दो अधिकारियों का चयन प्रदेश के प्रथम चरण की ट्रेनिंग के लिए होना गर्व की बात है। इससे न केवल अधिकारियों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी बल्कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। यह पहल ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का काम करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण से पंचायत व्यवस्था और मजबूत होगी और ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में तेजी आएगी।
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