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Balrampur News: बरकतों वाला महीना है पाक माह रमजान
Thu, 23 Mar 2023 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 23 Mar 2023 11:26 PM IST
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बलरामपुर। सिर्फ भूखे रहकर रोजा रखना ही इबादत नही है, रोजा पूरे शरीर का होता है। इस दौरान पांचों वक्त की नमाज और कुरान ए पाक की तिलावत करने के साथ ही गरीब व असहाय की मदद करने वालों का ही रोजा और इबादत अल्लाह कुबूल करते हैं।
यह बातें बृहस्पतिवार को मुस्लिम धर्मगुरु सैय्यद अहमद रजा कादरी ने रोजे की अहमियत बताते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि पाक माह रमजान का पहला रोजा शुक्रवार से शुरू हो रहा है। माहे रमजान का महीना बड़ी बरकतों वाला है। इस माह की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अल्लाह ने मुकद्दस किताब कुरान-ए-पाक इसी महीने में नाजिल किया था। पहले रोजे से लेकर 10 तक को रहमत, 11 से लेकर 20 रोजे तक को मगफिरत और 21 से 30 रोजे तक को जहन्नम की आग से निजात माना गया है।
मौलाना मोहम्मद उमर ने बताया कि रोजे में आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा अपने और अपने परिवार के लोगो की जान और माल का सदका निकाल कर गरीब ,बेसहारा, बेवा व लाचार लोगो की मदद करें। इसी महीने में अल्लाह ताला अपने बंदों द्वारा किए गए एक नेकी के बदले 70 नेकियों का सवाब देते है। पाक माह रमजान को लेकर मुस्लिम समाज की ओर से मस्जिदों की साफ-सफाई और रंगाई-पोताई का कार्य कराया जा रहा है। बृहस्पतिवार की देर शाम तराबी की नमाज शुरू कर दी गई।
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बलरामपुर रमजान
इफ्तार (24 मार्च) शिया: 06.26 सुन्नी: 06.18
सहरी (25 मार्च) शिया: 04.29 सुन्नी: 04.36
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यह बातें बृहस्पतिवार को मुस्लिम धर्मगुरु सैय्यद अहमद रजा कादरी ने रोजे की अहमियत बताते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि पाक माह रमजान का पहला रोजा शुक्रवार से शुरू हो रहा है। माहे रमजान का महीना बड़ी बरकतों वाला है। इस माह की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अल्लाह ने मुकद्दस किताब कुरान-ए-पाक इसी महीने में नाजिल किया था। पहले रोजे से लेकर 10 तक को रहमत, 11 से लेकर 20 रोजे तक को मगफिरत और 21 से 30 रोजे तक को जहन्नम की आग से निजात माना गया है।
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मौलाना मोहम्मद उमर ने बताया कि रोजे में आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा अपने और अपने परिवार के लोगो की जान और माल का सदका निकाल कर गरीब ,बेसहारा, बेवा व लाचार लोगो की मदद करें। इसी महीने में अल्लाह ताला अपने बंदों द्वारा किए गए एक नेकी के बदले 70 नेकियों का सवाब देते है। पाक माह रमजान को लेकर मुस्लिम समाज की ओर से मस्जिदों की साफ-सफाई और रंगाई-पोताई का कार्य कराया जा रहा है। बृहस्पतिवार की देर शाम तराबी की नमाज शुरू कर दी गई।
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सहरी (25 मार्च) शिया: 04.29 सुन्नी: 04.36