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बलरामपुर: डीजे की तेज आवाज के बीच छात्रा को तीन बार आया अटैक, अचेत होकर गिरी, मौत

Tue, 22 Sep 2026 07:18 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 22 Sep 2026 07:18 PM IST
सार

जुलूस में तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इसी बीच कक्षा में छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक डॉ. राजेश सिंह ने मृत घोषित कर दिया।

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Balrampur: Ban imposed on loud DJ music in the town following a girl's death
मृत छात्रा वैष्णवी तिवारी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बलरामपुर नगर क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजने के बीच सात वर्षीय स्कूली छात्रा की तबीयत बिगड़ने और मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट में दावा किया गया कि डीजे की तेज आवाज के बीच कक्षा में छात्रा को तीन बार अटैक आया और वह अचेत होकर गिर पड़ी। हालांकि, डीजे की आवाज और छात्रा की मौत के बीच सीधे चिकित्सकीय संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। स्कूल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

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मृत छात्रा की पहचान वैष्णवी तिवारी (7) के रूप में हुई है। वह डिवाइन पब्लिक स्कूल में कक्षा दो की छात्रा थी। उसके पिता सोनू तिवारी मूल रूप से ग्राम गुलरिहा, पोस्ट गंगापुर, जिला सिद्धार्थनगर के निवासी हैं। वर्तमान में परिवार बलरामपुर शहर के खलवा मोहल्ले में किराये के भवन में रहता है।
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सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट के मुताबिक, सोमवार को करीब 11 बजे वैष्णवी स्कूल की कक्षा में थी। इसी दौरान पास से गणेश प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा गुजर रही थी। जुलूस में तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इसी बीच कक्षा में छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक डॉ. राजेश सिंह ने मृत घोषित कर दिया। बाद में परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। घटना की जानकारी पुलिस को परिवार की ओर से नहीं दी गई थी। पिता सोनू तिवारी ने बताया कि तबीयत बिगड़ने की सूचना स्कूल से मिली थी।
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सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची सूचना
सोशल मीडिया पर पोस्ट प्रसारित होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। सीओ ने बताया कि शुरुआती जांच में छात्रा के कक्षा में अज्ञात कारणों से बेहोश होने की बात सामने आई है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वे किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहते और छात्रा का अंतिम संस्कार कर चुके हैं।

फिलहाल स्कूल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जुलूस किस मार्ग से निकला, स्कूल के पास डीजे कितनी देर रहा और उस समय की परिस्थितियां क्या थीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से थाने में कोई लिखित या मौखिक सूचना नहीं दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। तेज आवाज में डीजे बजाने से संबंधित नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर उस संबंध में भी कार्रवाई की जाएगी।


पोस्टमार्टम नहीं हुआ, मौत के कारण पर स्थिति स्पष्ट नहीं

छात्रा का अंतिम संस्कार हो जाने के कारण मौत के चिकित्सकीय कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम नहीं हो सका। सोशल मीडिया पर हार्ट अटैक और डीजे की तेज आवाज को मौत से जोड़कर दावा किया जा रहा है, लेकिन पुलिस की जांच पूरी होने तक इसे मौत का कारण मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

समितियों के पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया
घटना की चर्चा के बीच श्री गणपति महोत्सव केंद्रीय समन्वय समिति व जय मां दुर्गा पूजा केंद्रीय समन्वय समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. तुलसीश दूबे तथा केंद्रीय गणेश पूजा महोत्सव समिति के मंत्री अंकुर चौहान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की है।

80 डेसीबल से अधिक आवाज से स्वास्थ्य पर असर
जिला मेमोरियल चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह का कहना है कि 80 डेसीबल से अधिक की ध्वनि से शरीर में हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इससे हृदय संबंधी परेशानी का खतरा बढ़ने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि संभवतः छात्रा की मौत का यह कारण हो सकता है, लेकिन बिना पोस्टमार्टम के सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

तेज आवाज से बचाव में ये सावधानियां जरूरी

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेश चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, बच्चों को बहुत तेज आवाज वाले डीजे, लाउडस्पीकर या आतिशबाजी के बेहद करीब न जाने दें।

- लंबे समय तक तेज आवाज में रहने से बचें। बीच-बीच में बच्चे को शांत वातावरण में आराम दें।

- कानों में दर्द, चक्कर, घबराहट, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो बच्चे को तुरंत शोर से दूर करें।

- बच्चा अचानक बेहोश हो जाए, सांस लेने में परेशानी हो या प्रतिक्रिया न दे तो तत्काल अस्पताल ले जाएं।

- पहले से हृदय, न्यूरोलॉजिकल या अन्य गंभीर बीमारी वाले बच्चों को तेज आवाज से दूर रखना उचित है।

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