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Balrampur News: ‘दामिनी’ एप व ‘सचेत’ एप मोबाइल में डाउनलोड़ कराने की अपील
Thu, 07 May 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 07 May 2026 11:25 PM IST
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बलरामपुर। मौसम परिवर्तन और आंधी-तूफान से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने लोगों से मोबाइल में ‘दामिनी’ एप डाउनलोड करने की अपील की है, ताकि बिजली की पूर्व सूचना समय रहते मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह एप वज्रपात की पूर्व चेतावनी देता है, जिससे लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर खुद को बचा सकते हैं। बताया कि बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे, मोबाइल टावरों और ऊंचे भवनों के पास शरण नहीं लेनी चाहिए। बच्चों को खुले में खेलने से रोकें और लोहे की खिड़कियों, दरवाजों, हैंडपंप तथा बिजली उपकरणों को न छुएं। धातु वाले छाते का प्रयोग न करें और खुले वाहनों में यात्रा करने से बचें।
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मौसम खराब होने पर किसी पक्के भवन में शरण लें। यदि आसपास सुरक्षित स्थान न हो तो दोनों कान बंद कर पैरों को मिलाकर उकड़ू बैठ जाएं। खेतों में काम कर रहे लोग सूखी और सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वयं एप डाउनलोड करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करें। इसके अलावा गूगल प्ले स्टोर से ‘सचेत’ एप डाउनलोड करने की भी सलाह दी गई है, जिससे मौसम, आंधी-तूफान और अन्य आपदाओं से संबंधित अलर्ट प्राप्त किए जा सकते हैं।
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जिलाधिकारी ने कहा कि यह एप वज्रपात की पूर्व चेतावनी देता है, जिससे लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर खुद को बचा सकते हैं। बताया कि बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे, मोबाइल टावरों और ऊंचे भवनों के पास शरण नहीं लेनी चाहिए। बच्चों को खुले में खेलने से रोकें और लोहे की खिड़कियों, दरवाजों, हैंडपंप तथा बिजली उपकरणों को न छुएं। धातु वाले छाते का प्रयोग न करें और खुले वाहनों में यात्रा करने से बचें।
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जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मौसम खराब होने पर किसी पक्के भवन में शरण लें। यदि आसपास सुरक्षित स्थान न हो तो दोनों कान बंद कर पैरों को मिलाकर उकड़ू बैठ जाएं। खेतों में काम कर रहे लोग सूखी और सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वयं एप डाउनलोड करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करें। इसके अलावा गूगल प्ले स्टोर से ‘सचेत’ एप डाउनलोड करने की भी सलाह दी गई है, जिससे मौसम, आंधी-तूफान और अन्य आपदाओं से संबंधित अलर्ट प्राप्त किए जा सकते हैं।