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वार्डेन ने डीपीसी पर लगाया उत्पीड़न करने का आरोप
Updated Sun, 30 Jul 2017 10:30 PM IST
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वॉर्डन ने डीपीसी पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
-बीएसए को शिकायती पत्र देकर की जांच व कार्रवाई की मांग
बलरामपुर। केजीबीवी देहात की वॉर्डन और महिला सामाख्या की जिला समन्वयक के बीच लड़ाई ठन गई है। वॉर्डन ने जिला समन्वयक पर स्टाफ को उत्पीड़ित करने का आरोप लगाया है। डीपीसी स्टाफ की संविदा खत्म करने की चेतावनी दे रही है। वॉर्डन ने बीएसए को शिकायती पत्र देकर जांच व कार्रवाई किए जाने की मांग की है। बीएसए ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
केजीबीवी देहात की वॉर्डन एन सिंह ने बीएसए को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि बालिकाओं को ड्रेस वितरित करने के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक की गई। प्रबंध समिति के सदस्यों द्वारा नियमानुसार कोटेशन उपलब्ध कराया गया। कोटेशन के बाद कपड़े की अच्छी गुणवत्ता व उचित मूल्य देखते हुए पास कराया गया। नियमानुसार ड्रेस के कपड़े की खरीद की गई। यूनीफार्म के रंग छूटने व खराब सिलाई की छात्राओं ने कोई शिकायत नहीं की है। यूनीफार्म वितरण के बाद महिला सामाख्या की जिला समन्वयक टीम के साथ विद्यालय में आईं। दो फुल टाइम टीचर व वॉर्डन के साथ बैठक की और लेटर पैड पर जबरन हस्ताक्षर कराया। हस्ताक्षर करने से मना करने पर संविदा खत्म करने की धमकी दी। जिला समन्वयक ने प्रबंध समिति रजिस्टर के साथ छेड़छाड़ की। बिंदु तीन स्वयं लिखकर उसका फोटो स्टेट कराया और अपने साथ ले गई।
वॉर्डन ने बताया कि इससे पहले भी जिला समन्वयक के मानसिक प्रताड़ना की शिकायत बीएसए से की जा चुकी है। जिला समन्वयक फंसाने की धमकी देती है। रात्रि के समय निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पुरुष कर्मियों को साथ लाती है और गेट इंट्री रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से मना करती है। विद्यालय में यूनीफार्म का वितरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद कराया गया है फिर भी जिला समन्वयक प्रक्रिया को गलत बता रही है। इस संबंध में जिला समन्वयक महिला सामाख्या अंकिता का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर 9415202004 पर कई बार संपर्क किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। बीएसए रमेश यादव ने बताया कि वॉर्डन ने मामले में शिकायती पत्र दिया है। जांच कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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-बीएसए को शिकायती पत्र देकर की जांच व कार्रवाई की मांग
बलरामपुर। केजीबीवी देहात की वॉर्डन और महिला सामाख्या की जिला समन्वयक के बीच लड़ाई ठन गई है। वॉर्डन ने जिला समन्वयक पर स्टाफ को उत्पीड़ित करने का आरोप लगाया है। डीपीसी स्टाफ की संविदा खत्म करने की चेतावनी दे रही है। वॉर्डन ने बीएसए को शिकायती पत्र देकर जांच व कार्रवाई किए जाने की मांग की है। बीएसए ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
केजीबीवी देहात की वॉर्डन एन सिंह ने बीएसए को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि बालिकाओं को ड्रेस वितरित करने के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक की गई। प्रबंध समिति के सदस्यों द्वारा नियमानुसार कोटेशन उपलब्ध कराया गया। कोटेशन के बाद कपड़े की अच्छी गुणवत्ता व उचित मूल्य देखते हुए पास कराया गया। नियमानुसार ड्रेस के कपड़े की खरीद की गई। यूनीफार्म के रंग छूटने व खराब सिलाई की छात्राओं ने कोई शिकायत नहीं की है। यूनीफार्म वितरण के बाद महिला सामाख्या की जिला समन्वयक टीम के साथ विद्यालय में आईं। दो फुल टाइम टीचर व वॉर्डन के साथ बैठक की और लेटर पैड पर जबरन हस्ताक्षर कराया। हस्ताक्षर करने से मना करने पर संविदा खत्म करने की धमकी दी। जिला समन्वयक ने प्रबंध समिति रजिस्टर के साथ छेड़छाड़ की। बिंदु तीन स्वयं लिखकर उसका फोटो स्टेट कराया और अपने साथ ले गई।
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वॉर्डन ने बताया कि इससे पहले भी जिला समन्वयक के मानसिक प्रताड़ना की शिकायत बीएसए से की जा चुकी है। जिला समन्वयक फंसाने की धमकी देती है। रात्रि के समय निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पुरुष कर्मियों को साथ लाती है और गेट इंट्री रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से मना करती है। विद्यालय में यूनीफार्म का वितरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद कराया गया है फिर भी जिला समन्वयक प्रक्रिया को गलत बता रही है। इस संबंध में जिला समन्वयक महिला सामाख्या अंकिता का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर 9415202004 पर कई बार संपर्क किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। बीएसए रमेश यादव ने बताया कि वॉर्डन ने मामले में शिकायती पत्र दिया है। जांच कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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