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1897 स्कूलों को चमकाने पर खर्च होंगे 7.62 करोड़
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बलरामपुर। जिले के 1897 परिषदीय स्कूलों को चमकाने पर 7.62 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चालू वित्तीय वर्ष में शासन स्तर से बेसिक शिक्षा विभाग को धनराशि मुहैया करा दी गई है। पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर सभी स्कूलों को बजट आवंटित किए जाएंगे।
स्कूल प्रबंध समिति के सुझाव पर धनराशि खर्च करने का खाका तैयार किया जाएगा। वित्तीय वर्ष के अंत तक जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में रंगाई पुताई के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाएं चाक चौबंद कराई जाएंगी।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले के 1897 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों में रंग-रोगन के साथ अन्य व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कराने के लिए शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को सात करोड़ 62 लाख 10 हजार रुपये की धनराशि मुहैया करा दी है।
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विद्यार्थियों की एक से 30 तक पंजीकृत संख्या वाले जिले के 36 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को तीन लाख 60 हजार रुपये का बजट चाक-चौबंद कराने के लिए दिए जाएंगे।
विद्यार्थियों की 30 से 100 तक पंजीकृत संख्या वाले 786 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को एक करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये चमकाने पर खर्च करने के लिए मिलेंगे। विद्यार्थियों की 100 से 250 तक की पंजीकृत संख्या वाले 977 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को चार करोड़ 88 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी।
250 से एक हजार तक पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या वाले जिले के 98 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को 73 लाख 50 हजार रुपये का बजट देने का प्रावधान है। बेसिक शिक्षा विभाग के डीसी निर्माण एनके सिंह ने बताया कि हर साल की तुलना में इस साल कंपोजिट स्कूल ग्रांट का कम बजट शासन स्तर से दिया गया है।
शासन से प्राप्त बजट को निर्धारित धनराशि के अनुरूप स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रबंध समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार खर्च करना होगा। रंगाई-पुताई के साथ प्रथम वरीयता में स्वच्छता व हैंडवाशिंग पर वित्तीय वर्ष के अंत तक पैसा हर हाल में खर्च करना होगा।
द्वितीय वरीयता में पेयजल की व्यवस्था के साथ पानी की जलनिकासी का कार्य कराया जा सकता है। टीएलएम के रख-रखाव के लिए अल्मारी की खरीदारी, बाल वाटिका का निर्माण, फर्स्ट एड बाक्स, अग्निशमन यंत्र की रिफिलिंग, शौचालय क्रियाशीलता, शिक्षण सहायक सामग्री, बिजली के उपकरणों की मरम्मत, कंप्यूटर में प्रयोग होने वाले इंटरनेट प्रीपेड बिल रिचार्ज, कुर्सी, मेज, झूला व ब्लैक बोर्ड आदि के अनुरक्षण कार्य, आठ प्रकार के रजिस्टर, डस्टर, रेडियो मरम्मत व बैट्री की खरीदारी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पीतल का घंटा, मुंगरी, तौलिया, जग, गिलास, घड़ा, शीशा, महापुरुषों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के फोटो फ्रेम, बागवानी किट व पुरस्कार वितरण की सामग्री आदि के इंतजाम पर इस बजट का प्रयोग किया जाएगा।
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स्कूल प्रबंध समिति के सुझाव पर धनराशि खर्च करने का खाका तैयार किया जाएगा। वित्तीय वर्ष के अंत तक जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में रंगाई पुताई के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाएं चाक चौबंद कराई जाएंगी।
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले के 1897 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों में रंग-रोगन के साथ अन्य व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कराने के लिए शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को सात करोड़ 62 लाख 10 हजार रुपये की धनराशि मुहैया करा दी है।
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विद्यार्थियों की एक से 30 तक पंजीकृत संख्या वाले जिले के 36 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को तीन लाख 60 हजार रुपये का बजट चाक-चौबंद कराने के लिए दिए जाएंगे।
विद्यार्थियों की 30 से 100 तक पंजीकृत संख्या वाले 786 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को एक करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये चमकाने पर खर्च करने के लिए मिलेंगे। विद्यार्थियों की 100 से 250 तक की पंजीकृत संख्या वाले 977 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को चार करोड़ 88 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी।
250 से एक हजार तक पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या वाले जिले के 98 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को 73 लाख 50 हजार रुपये का बजट देने का प्रावधान है। बेसिक शिक्षा विभाग के डीसी निर्माण एनके सिंह ने बताया कि हर साल की तुलना में इस साल कंपोजिट स्कूल ग्रांट का कम बजट शासन स्तर से दिया गया है।
शासन से प्राप्त बजट को निर्धारित धनराशि के अनुरूप स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रबंध समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार खर्च करना होगा। रंगाई-पुताई के साथ प्रथम वरीयता में स्वच्छता व हैंडवाशिंग पर वित्तीय वर्ष के अंत तक पैसा हर हाल में खर्च करना होगा।
द्वितीय वरीयता में पेयजल की व्यवस्था के साथ पानी की जलनिकासी का कार्य कराया जा सकता है। टीएलएम के रख-रखाव के लिए अल्मारी की खरीदारी, बाल वाटिका का निर्माण, फर्स्ट एड बाक्स, अग्निशमन यंत्र की रिफिलिंग, शौचालय क्रियाशीलता, शिक्षण सहायक सामग्री, बिजली के उपकरणों की मरम्मत, कंप्यूटर में प्रयोग होने वाले इंटरनेट प्रीपेड बिल रिचार्ज, कुर्सी, मेज, झूला व ब्लैक बोर्ड आदि के अनुरक्षण कार्य, आठ प्रकार के रजिस्टर, डस्टर, रेडियो मरम्मत व बैट्री की खरीदारी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पीतल का घंटा, मुंगरी, तौलिया, जग, गिलास, घड़ा, शीशा, महापुरुषों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के फोटो फ्रेम, बागवानी किट व पुरस्कार वितरण की सामग्री आदि के इंतजाम पर इस बजट का प्रयोग किया जाएगा।