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Balrampur News: पहाड़ी नालों में उफान से 50 गांव जलमग्न
Wed, 21 Aug 2024 03:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 21 Aug 2024 03:31 AM IST
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बलरामपुर हरैया सतघरवा क्षेत्र में बाढ़ का पानी आने से नाव से बाहर निकलते लोग।
बलरामपुर। जिले में करीब एक सप्ताह से हो रही बारिश व नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 104.620 मीटर के करीब पहुंचकर 104.510 मीटर पर स्थिर हो गया है। राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में उफान आने से 50 से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं। कई सड़कों पर पानी चलने के कारण आवागमन ठप हो गया है। हरैया थाना सहित कई सरकारी भवनों में भी पानी भर गया है।
ग्राम पंचायत बरगदही के प्रधान प्रतिनिधि मंगल देव सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी विद्यालय व पंचायत भवन के साथ पूरे गांव में भर गया है। घर में पानी आ जाने से लोग छतों पर रहने को विवश हैं। राप्ती नदी व खरझार पहाड़ी नाले में उफान से महराजगंज तराई क्षेत्र के साखीरेत, चंदनजोत, हिम्मतपुरवा, सुखदेव पुरवा, चिकनौटा, पटोहाकोट, किठूरा, कौवापुर, बुड़ंतपुर, पूरेछीटन, पठानपुरवा व अम्मरनगर आदि गांवों में भी पानी भर गया है।
क्षेत्रवासी मुबारक, मोती, बुधई सिंह, जयबक्श सिंह व मेवालाल आदि ने बताया कि गांव में पानी भर जाने के कारण लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मवेशियों के समक्ष भी चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। इन लोगों ने प्रशासन से राहत व बचाव कार्य कराए जाने की मांग की है। एसडीएम तुलसीपुर अभय कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लेखपालों को भेजा गया है।
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खेतों में भरा पानी : पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते हरैया व ललिया थाना क्षेत्र के हेंगहा, ककरहवा, जमधरा, कचनी, फोहरी, गौरिया व धोबैनिया पहाड़ी नालों में उफान आ गया है। पहाड़ी नालों की बाढ़ से मदारगढ़, बनघुसरी, ठड़क्की, कमदी, परसहवा, चनियाकोट, किला, भुसैलिया, लखनीपुर, लौकहवा, वोदरहिया, नरायनपुर, पिट्ठा व प्रतापपुर आदि गांवों में पानी भर गया है। बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने से धान, मक्का, उड़द, मूंग, गन्ना व सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्रवासी जनमेजय सिंह, राम बहादुर सिंह, कन्हैया लाल, राम नरायन, प्रेम नरायन, राजेश कुमार, सोखा व राकेश कुमार आदि ने बताया कि बाढ़ के कारण पिछले तीन सालों से हम लोगों की फसलें चौपट हो रही हैं। प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है।
राप्ती भी कर रही परेशान ः बूढ़ी राप्ती नदी और सिरिया व नकटी नाला का जलस्तर बढ़ने के कारण गौरा थाना क्षेत्र के नेवरी, भुसैलवा, सिंहवापुर, जंबूदीप, खजुरिया, थरूनिया, परसा, पुरैना, गोविंदपुर, टेंगनहवा, वीरपुर, महरी, देवलहा, समदा व कठेर आदि गांव चारों तरफ पानी से घिर गए हैं।
हेंगहा पुल का एप्रोच कटा, आवागमन ठप
गैसड़ी/बलरामपुर। पहाड़ी नाले में बाढ़ के चलते हेंगहा नाले के पुल का एप्रोच कट गया। सड़क-सड़क जगह-जगह बैठ गई है। इससे बलरामपुर को श्रावस्ती से जोड़ने वाली सड़क पर आवागमन ठप हो गया है। वहीं, हरिहरगंज-ललिया मार्ग पर पानी बहने के कारण छोटे वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। लालपुर-सिकटिहवा मार्ग पर कमदी गांव के पास सड़क पर दो फिट पानी चल रहा है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित है। ललिया-कोड़री मार्ग पर लौकहवा डिप पर तीन फिट और झिन्ने नाला डिप पर दो फिट पानी बह रहा है। एसडीएम संजीव कमार यादव ने बताया कि ललिया-हरिहरगंज मार्ग पर लौकहवा डिप का निरीक्षण किया गया है। आवागमन के लिए एक मोटरबोट व एक नाव की व्यवस्था की गई है। (संवाद)
बारिश से परेशानी, 200 गांवों की बिजली गुल
बलरामपुर। लगातार कई दिनों से बारिश होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का संकट गहरा गया है। पोल व तार टूटने से हरैया सतघरवा, ललिया, मथुरा बाजार, महराजगंज तराई, तुलसीपुर, जरवा, गौरा चौराहा व उतरौला क्षेत्र के 200 गांवों की बिजली गुल हो गई है। गांव में पानी भरने से विद्युत फॉल्ट सही नहीं हो पा रहा है। पावर कॉरपोरेशन अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि टूटे हुए तार को जोड़ने व पोल की मरम्मत के लिए जेई को निर्देश दिया गया है। (संवाद)
पेड़ धराशायी, तहसील में जलभराव
जरवा/ बलरामपुर। बारिश के कारण जरवा क्षेत्र के पिपरा दुर्गानगर प्रतापपुर में 100 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पेड़ गिरने से पास में लगा बिजली का खंभा भी टूट गया। बब्लू मिश्र के घर की दीवार व छत का छज्जा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं उतरौला तहसील परिसर में जलभराव के कारण वादकारियों को आने-जाने में परेशानी हुई।
रोडवेज डिपो में हो रहा रिसाव
नगर के सिविल लाइन स्थित रोडवेज बस स्टेशन कार्यालय की छत टपक रही है। छत से पानी का रिसाव होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। एआरएम गोपी नाथ दीक्षित ने बताया कि छत मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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ग्राम पंचायत बरगदही के प्रधान प्रतिनिधि मंगल देव सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी विद्यालय व पंचायत भवन के साथ पूरे गांव में भर गया है। घर में पानी आ जाने से लोग छतों पर रहने को विवश हैं। राप्ती नदी व खरझार पहाड़ी नाले में उफान से महराजगंज तराई क्षेत्र के साखीरेत, चंदनजोत, हिम्मतपुरवा, सुखदेव पुरवा, चिकनौटा, पटोहाकोट, किठूरा, कौवापुर, बुड़ंतपुर, पूरेछीटन, पठानपुरवा व अम्मरनगर आदि गांवों में भी पानी भर गया है।
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क्षेत्रवासी मुबारक, मोती, बुधई सिंह, जयबक्श सिंह व मेवालाल आदि ने बताया कि गांव में पानी भर जाने के कारण लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मवेशियों के समक्ष भी चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। इन लोगों ने प्रशासन से राहत व बचाव कार्य कराए जाने की मांग की है। एसडीएम तुलसीपुर अभय कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लेखपालों को भेजा गया है।
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खेतों में भरा पानी : पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते हरैया व ललिया थाना क्षेत्र के हेंगहा, ककरहवा, जमधरा, कचनी, फोहरी, गौरिया व धोबैनिया पहाड़ी नालों में उफान आ गया है। पहाड़ी नालों की बाढ़ से मदारगढ़, बनघुसरी, ठड़क्की, कमदी, परसहवा, चनियाकोट, किला, भुसैलिया, लखनीपुर, लौकहवा, वोदरहिया, नरायनपुर, पिट्ठा व प्रतापपुर आदि गांवों में पानी भर गया है। बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने से धान, मक्का, उड़द, मूंग, गन्ना व सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्रवासी जनमेजय सिंह, राम बहादुर सिंह, कन्हैया लाल, राम नरायन, प्रेम नरायन, राजेश कुमार, सोखा व राकेश कुमार आदि ने बताया कि बाढ़ के कारण पिछले तीन सालों से हम लोगों की फसलें चौपट हो रही हैं। प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है।
राप्ती भी कर रही परेशान ः बूढ़ी राप्ती नदी और सिरिया व नकटी नाला का जलस्तर बढ़ने के कारण गौरा थाना क्षेत्र के नेवरी, भुसैलवा, सिंहवापुर, जंबूदीप, खजुरिया, थरूनिया, परसा, पुरैना, गोविंदपुर, टेंगनहवा, वीरपुर, महरी, देवलहा, समदा व कठेर आदि गांव चारों तरफ पानी से घिर गए हैं।
हेंगहा पुल का एप्रोच कटा, आवागमन ठप
गैसड़ी/बलरामपुर। पहाड़ी नाले में बाढ़ के चलते हेंगहा नाले के पुल का एप्रोच कट गया। सड़क-सड़क जगह-जगह बैठ गई है। इससे बलरामपुर को श्रावस्ती से जोड़ने वाली सड़क पर आवागमन ठप हो गया है। वहीं, हरिहरगंज-ललिया मार्ग पर पानी बहने के कारण छोटे वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। लालपुर-सिकटिहवा मार्ग पर कमदी गांव के पास सड़क पर दो फिट पानी चल रहा है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित है। ललिया-कोड़री मार्ग पर लौकहवा डिप पर तीन फिट और झिन्ने नाला डिप पर दो फिट पानी बह रहा है। एसडीएम संजीव कमार यादव ने बताया कि ललिया-हरिहरगंज मार्ग पर लौकहवा डिप का निरीक्षण किया गया है। आवागमन के लिए एक मोटरबोट व एक नाव की व्यवस्था की गई है। (संवाद)
बारिश से परेशानी, 200 गांवों की बिजली गुल
बलरामपुर। लगातार कई दिनों से बारिश होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का संकट गहरा गया है। पोल व तार टूटने से हरैया सतघरवा, ललिया, मथुरा बाजार, महराजगंज तराई, तुलसीपुर, जरवा, गौरा चौराहा व उतरौला क्षेत्र के 200 गांवों की बिजली गुल हो गई है। गांव में पानी भरने से विद्युत फॉल्ट सही नहीं हो पा रहा है। पावर कॉरपोरेशन अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि टूटे हुए तार को जोड़ने व पोल की मरम्मत के लिए जेई को निर्देश दिया गया है। (संवाद)
पेड़ धराशायी, तहसील में जलभराव
जरवा/ बलरामपुर। बारिश के कारण जरवा क्षेत्र के पिपरा दुर्गानगर प्रतापपुर में 100 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पेड़ गिरने से पास में लगा बिजली का खंभा भी टूट गया। बब्लू मिश्र के घर की दीवार व छत का छज्जा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं उतरौला तहसील परिसर में जलभराव के कारण वादकारियों को आने-जाने में परेशानी हुई।
रोडवेज डिपो में हो रहा रिसाव
नगर के सिविल लाइन स्थित रोडवेज बस स्टेशन कार्यालय की छत टपक रही है। छत से पानी का रिसाव होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। एआरएम गोपी नाथ दीक्षित ने बताया कि छत मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।

बलरामपुर हरैया सतघरवा क्षेत्र में बाढ़ का पानी आने से नाव से बाहर निकलते लोग।

बलरामपुर हरैया सतघरवा क्षेत्र में बाढ़ का पानी आने से नाव से बाहर निकलते लोग।